kavita- pacchim disha ka lamba intjaar by mahesh keshari
पच्छिम दिशा का लंबा इंतजार.. मंझली काकी और सब कामों के तरह ही करतीं हैं, नहाने का काम और बैठ …
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शूरमा जीवन मग में चलना तो , बस सदा अकेले पड़ता । शूरमा जो होता वह रण में , निपट
एक रूपया-सिद्धार्थ पाण्डेय
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एक रूपया एक रुपया में खुश हो जाने वाले ,दिन की बात निराली थी। जेबें तो लिबाज़ में अनेकों थीं,पर
Sukh dukh ki kahani by siddharth pandey
June 27, 2021
सुख दुःख की कहानी आँखों में उसने तराशी हैं खुशियां , न ढूँढ़ पाना तो अपनी नाकामी। ख़ुशी उसने बख्शी
Jindagi bhar by siddharth bhar
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जिंदगी भर जमाने ने दी है तोहमत की दौलत ,इसको समेटे रहो जिंदगी भर। सफाई जो कर दोगे जेहन का
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सपने दो आँख चिपका दी गई हैं हरेक चहरे पर पढो दस्तावेज दुनिया की चित्रपट देखो और सुलझाओ पहेली दीन
