कहॉं चले गये तुम
खत से निकल कर
बेवफाई का हमने नजारा जो देखा
मोहब्बत की कैसी हालत कर गये
कहॉं चले गये तुम खत से निकल कर बेजान खत मेरे पास रह गये शब्दों से तुमको सजाया था वही …
खत से निकल कर
March 4, 2023
भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने
March 4, 2023
भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा
March 4, 2023
भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर
March 4, 2023
भावनानी के भाव हे परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं उसने कहा बक्ष दूंगा मैंने कहा परेशान हूं
February 16, 2023
भावनानी के भाव कविता:भारतीय संस्कृति में नारी भारतीय संस्कृति में नारी लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है समय आने
February 16, 2023
भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे