कहॉं चले गये तुम
खत से निकल कर
बेवफाई का हमने नजारा जो देखा
मोहब्बत की कैसी हालत कर गये
कहॉं चले गये तुम खत से निकल कर बेजान खत मेरे पास रह गये शब्दों से तुमको सजाया था वही …
खत से निकल कर
March 5, 2023
भावनानी के भाव स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को
March 5, 2023
हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था
March 5, 2023
द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे,
March 5, 2023
सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर
March 5, 2023
मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के
March 4, 2023
भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो अटके काम बनाना है तो