Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

geet, poem

Hindi divas par Gitika by Rajesh Shukla

 हिन्दी दिवस पर गीतिका तकल्लुफ, बेशुमार हिंदी में जुवां है शानदार हिंदी में । हमने कब इश्क को लव कहा …


 हिन्दी दिवस पर गीतिका

Hindi divas par Gitika by Rajesh Shukla

तकल्लुफ, बेशुमार हिंदी में

जुवां है शानदार हिंदी में ।

हमने कब इश्क को लव कहा

तुम्हारा प्यार, प्यार हिंदी में।

तुमने तो खत लिखे अंग्रेजी में

हमें तुमसे है, प्यार हिंदी में।

जवानी खत्म होने वाली है

फिर भी न उतरा, खुमार हिंदी में।

तुम्हे पता है मेरे प्यार का राज

छुपाए रखना उसे, यार हिंदी में।

सुनो जी मौत तो हक़ीक़त है

जिंदगी का लिक्खा, सार हिंदी में।

स्वरचित राजेश शुक्ला 

सोहागपुर


Related Posts

Shikshak divas vishesh kavita mere guruji by dr. Kamlendra kumar

September 4, 2021

 शिक्षक दिवस पर विशेष कविता           मेरे गुरुजी  आँखों मे चश्मा चमक रहा, है गेहुंआ रंग ।

Sukhi sansar by Sudhir Srivastava

September 4, 2021

 सुखी संसार किसी का कभी भी सुखी संसार नहीं होता, क्योंकि किसी के मन में ऐसा विचार जो नहीं होता।

Dosharopan by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 दोषारोपण नसीब और भगवान ( चाहे होते हों या नहीं ) कोई बड़ा प्रयास करने में, संघर्ष के कष्टदायक दिनों

Hamare samaj ki bhedchal by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 हमारे समाज की भेड़चाल ज्यादातर अमीर और प्रभावशाली लोग अपनी धन-संपत्ति, ऐश्वर्य-विलासिता कामयाबी, सत्ता, मशहूरी के छिन जाने की आशंका

Kamkaji mahilaon ki trasdi by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 कामकाजी महिलाओं की त्रासदी कामकाजी महिलाएं   पिसती हैं प्रतिदिन  घर की जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच, घर के कामों को 

Sakaratmak urja by Anita Sharma

September 4, 2021

 सकारात्मक ऊर्जा* हे मानुष तू न हो निराश। कर्म पथ पर बढ़ता चल  राह कठिन एकाकी होगी पर दायित्व संभाले

Leave a Comment