साँस की सुबास है।- ग़ज़ल
रात और खाब है।।
तख्त ताज आज का।
ऐश ओ विलास है।।
काम ये झकास है।।
जीत का प्रयास है।।
है तलाश लोग को।
चीज जरुर खास है।।
आधुनिक हुए भले।
दर्द ओ खटास है।।
सादगी मरी पड़ी।
चीखता संत्रास है।।
साधना कृष्ण
साँस की सुबास है।- ग़ज़ल साँस की सुबास है। रात और खाब है।। तख्त ताज आज का।ऐश ओ विलास है।। …
October 1, 2022
Hawaaon ki Tarah Tujhko Chanla Hoga हवाओं की तरह तुझको चलना होगामुसीबत के तले तुझको पलना होगा हमारा घर सबा
October 1, 2022
Khone Waale Tera Khona Nahi Dekha Jaata खोने वाले तेरा खोना नहीं देखा जातारोने वाले तेरा रोना नहीं देखा जाता
October 1, 2022
Aakhon Ne Teri Mujhse Sab Bol Diya Hai आँखों ने तिरी मुझसे सब बोल दिया है आँसू ने हक़ीक़त का
October 1, 2022
Mitti Ka Bana Hun Magar Toot Nahi Sakta मिट्टी का बना हूँ मगर टूट नहीं सकता बेटा हूँ यहीं का
September 29, 2022
Agar Hai Pyaar Mujhse to Bataana Bhi Zaroori Hai अगर है प्यार मुझसे तो बताना भी ज़रूरी है दिया है
September 1, 2022
गजल – जानकर जब आप अलहदा हो गए थे मुझे कंगाल जानकरतो फिर आज क्या करिएगा मेरा हाल जानकर मुझे