राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी
राजनीति भी अजीब है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी …
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आदिशक्ति के नौ रूप- सिद्धार्थ गोरखपुरी
April 18, 2022
आदिशक्ति के नौ रूप आदिशक्ति के नौ रूपों का , इस नवरात्रि में स्वागत है।माँ दुर्गा की पूजा को आतुर
नव वर्ष सुहानी- डॉ.इन्दु कुमारी
April 18, 2022
नव वर्ष सुहानी आम्र मंजरों से से लदे हुए फल फूलों से सजे हुएकली कुसुम मुस्कान भरे हैंकोयल सुर में
ईर्ष्या तू ना गई – डॉ. इन्दु कुमारी
April 18, 2022
ईर्ष्या तू ना गई देखकर लोगों की सुख-सुविधा जल रही तू खूब जलन सेअपनी दुख की चिंता नहीं हैदूसरों के
कर्म महान है – डॉ. इन्दु कुमारी
April 18, 2022
कर्म महान है बच्चे भगवान हैं शिक्षा हमारी आधार हैगुणवत्तापूर्ण है विकल्प शत प्रतिशत लागू करना शिक्षकों का है संकल्पऐसा
पहले जैसा नहीं रहा- अनिता शर्मा झाँसी
April 18, 2022
पहले जैसा नहीं रहा क्यों हर रिश्ता पहले जैसा नहीं रहा ?हाँ सोचती हूँ मैं अक्सर ही कि-क्यों हर रिश्ता
ढलता सूरज- जयश्री बिरमी
April 18, 2022
ढलता सूरज मां हूं उगते सूरज और ढलते सूरज सीउगी तो मां थी विरमी तब भी मां ही थीजब हौंसले