राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी
राजनीति भी अजीब है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी …
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महाबली हनुमंत
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महाबली हनुमंत जय जय श्री हनुमंत वीरमां अंजनी के हो तुम जायेअति पराक्रमी बचपन थे तुम्हारेबना दिया सूर्य को खिलौनाराम
कविता-खास
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खास ! जब तक तुझ में सांस है, सफलता की आस है,खुशनुमा सा एहसास है,पूरा जोश और साहस है,मानो तो
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शुक्रिया शुक्रिया-ए-अल्लाह-शुक्रिया । तूने जो हमें इंसान बनाया ।। तेरी तारीफ कैसे करूँ । अल्फ़ाज़ देने वाला तू हैं ।।
हाल -ए-दिल- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी
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हाल -ए-दिल खुशियों के फूल सदा खिलते रहें ।इंसानियत के कदम भी बढाते रहें ।।जमाने के हर दौर से गुजर
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