राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी
राजनीति भी अजीब है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी …
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आशा- अनिता शर्मा
March 25, 2022
आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक
बसंत-अनिता शर्मा झाँसी
March 25, 2022
बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार
भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी
March 25, 2022
भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग
चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी
March 25, 2022
चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता
होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी
March 25, 2022
होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम
ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!!
March 25, 2022
ईमानदारी से छोड़ दो भ्रष्टाचार!!! भारत में अब आ गई है नवाचारों की बौछार डिजिटल पारदर्शी नीतियों से हो गए