Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

geet, Siddharth_Gorakhpuri

गीत – इल्तिज़ा है मेरी – सिद्धार्थ गोरखपुरी

गीत – इल्तिज़ा है मेरी इल्तिजा है ये तुझसे मेरी ख्वाबों में न अब बात कररूबरू हो जा अब तूँ …


गीत – इल्तिज़ा है मेरी

गीत - इल्तिज़ा है मेरी - सिद्धार्थ गोरखपुरी
इल्तिजा है ये तुझसे मेरी

ख्वाबों में न अब बात कर
रूबरू हो जा अब तूँ मेरे
आके मुझसे मुलाक़ात कर
याद आता है तूँ
तो सताता है तूँ
ख़्वाब में ही बस अपना
बताता है तूँ
आ जा तूँ रूबरू
और कभी भी न जा
मैं तुझे ही देखता रहूं रातभर
इल्तिजा है ये तुझसे मेरी
ख्वाबों में न अब बात कर
गीत पावन है जो मनभावन सा है
प्रीत का हर मौसम सावन सा है
सूखा सा पड़ गया है प्रीत के खेत में
सींचने के लिए थोड़ी बरसात कर
इल्तिजा है ये तुझसे मेरी
ख्वाबों में न अब बात कर
प्रेम के दरमयान दिल धड़कता रहा
तूँ रूबरू था मेरे दिल तड़पता रहा
मैं बहाना बना दूँ तो चल जाएगा
पर दिल चाहता है तेरा साथ भर
इल्तिजा है ये तुझसे मेरी
ख्वाबों में न अब बात कर

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

फूस का छप्पर

September 3, 2022

फूस का छप्पर छोटा सा फूस का छप्पर, बनाया नदियाँ के तट पर | कच्ची माटी की दीवार, उस पर

देश भक्ति गीत

September 1, 2022

 देश भक्ति गीत ए-जमीन-ए-वतन ,ए-ज़मीन-ए-वतन । तुझको मेरा नमन , तुझको मेरा नमन ।। आबरू तेरी जाने नां देंगें कभी

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले

September 1, 2022

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकालेजो टूट मैं गया तो

कविता – मोहन

September 1, 2022

कविता – मोहन मोहन! मुरली से प्रीत तुम्हारीअगाध अनन्त हुई कैसेप्रीत में पागल मीराबाईमन से सन्त हुई कैसे राधा ने

कविता – न मिला

September 1, 2022

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती

गीत -श्याम से

September 1, 2022

गीत -श्याम से श्याम के भक्तों ने कह डाला है अबतो श्याम सेराधा की है पैरवी बस श्याम से घनश्याम

Leave a Comment