Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

कविता – पर्यावरण| kavita -paryavaran

कविता – पर्यावरण पर्यावरण है प्रकृति का आख़र सूरज , चंदा, धरती और बादरप्रकृति का अद्भुत चहुँदिशि घेराचंदा डूबा फिर …


कविता – पर्यावरण

कविता - पर्यावरण| kavita -paryavaran
पर्यावरण है प्रकृति का आख़र

सूरज , चंदा, धरती और बादर
प्रकृति का अद्भुत चहुँदिशि घेरा
चंदा डूबा फिर हुआ सवेरा
कौन इन सबसे अनजाना होगा
पर्यावरण को सदा बचाना होगा

अंबर नीला, पीले खेत
कल – कल नदियाँ सुफ़ेद रेत
समंदर गहरा, ऊँचा पहाड़
लपटी लता और पेड़ -ए -ताड़
कौन इन सबसे अनजाना होगा
पर्यावरण को सदा बचाना होगा

जंगल -झाड़ी, सुंदर बयार
पतझड़ोपरांत बसंती बहार
बरसती बूँदे औ हल्के झोंके
मदमस्त पवन को थोड़ा रोके
कौन इन सबसे अनजाना होगा
पर्यावरण को सदा बचाना होगा

ताल -तलैया, नीम की छैयां
वन में मोर की ता – ता थईयां
प्रकृति का अनमोल उदाहरण
गाँव का घर और पर्यावरण
कौन इन सबसे अनजाना होगा
पर्यावरण को सदा बचाना होगा

कोयल की कुकू, गौरैया की चीं -चीं
प्रकृति ने दायरे की है रेखा खींची
गोधूलि बेला, रात और शाम
प्रकृति प्रदत्त का हर एक नाम
कौन इन सबसे अनजाना होगा
पर्यावरण को सदा बचाना होगा

About author

-सिद्धार्थ गोरखपुरी

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

Mohak rash leela by vijay Lakshmi Pandey

October 22, 2021

 मोहक रास लीला…!!      मुग्ध  कर देनें  वाला  अनुपम  लावण्य  , सुबह  की  धूप  सा छिटका  हुआ सौंदर्य ,साँझ 

Aajkal ke siyashtdan by Jitendra Kabir

October 22, 2021

 आजकल के सियासतदां मारना जो हो कभी ‘श्वान’ तो दे कर उसे पागल करार खूब कर दो बदनाम ताकि जब

Aarya sabhayata meri by Dr. H.K. Mishra

October 22, 2021

 आर्य सभ्यता मेरी मानव सभ्यता धरा धाम का, प्राचीन धरोहर अपना है , सिंधु तट पर विकसित होकर, घाटी घाटी

Kavitayein likhta hun by Siddharth gorakhpuri

October 22, 2021

कविताएँ लिखता हूँ   सुविधा भी लिखता हूँ और दुबिधाएँ लिखता हूँ। मैं सबके जीवन की अनेकानेक,  विधाएं लिखता हूँ। लिखना

mahgayi ka ilaaj by Jitendra Kabir

October 22, 2021

 मंहगाई का इलाज ऐसा नहीं है कि उन्हें सस्ती मिल रही हैं सब्जियां और घर के राशन का  सारा सामान,

Toote riste by Dr. Hare krishna Mishra

October 22, 2021

 टूटे रिश्ते  चलो एक बार मिलते हैं हम दोनों , पूर्व वत अपने गंतव्य पर  चलकर , मिलनेऔर आने का

Leave a Comment