शीर्षक-
जिंदगी का वादा
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा, कहीं धूप कहीं छाया, बस यही …
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
September 9, 2021
शिक्षक तेरी कहानी गुरू का दर्जा सबसे ऊंचा कहलाते हैं राष्ट्र निर्माता शिष्योंके हैं भाग्य विधाता उनके शरण में
September 4, 2021
शिक्षक दिवस पर विशेष कविता मेरे गुरुजी आँखों मे चश्मा चमक रहा, है गेहुंआ रंग ।
September 4, 2021
सुखी संसार किसी का कभी भी सुखी संसार नहीं होता, क्योंकि किसी के मन में ऐसा विचार जो नहीं होता।
September 4, 2021
दोषारोपण नसीब और भगवान ( चाहे होते हों या नहीं ) कोई बड़ा प्रयास करने में, संघर्ष के कष्टदायक दिनों
September 4, 2021
हमारे समाज की भेड़चाल ज्यादातर अमीर और प्रभावशाली लोग अपनी धन-संपत्ति, ऐश्वर्य-विलासिता कामयाबी, सत्ता, मशहूरी के छिन जाने की आशंका
September 4, 2021
कामकाजी महिलाओं की त्रासदी कामकाजी महिलाएं पिसती हैं प्रतिदिन घर की जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच, घर के कामों को