शीर्षक-
जिंदगी का वादा
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा, कहीं धूप कहीं छाया, बस यही …
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
September 22, 2021
श्राद्ध का भोजन कौआ बनकर मैं तुम्हारे घर की मुँडेर पर नहीं आऊँगा, अपने और पुरखों का सिर मैं झुकाने
September 18, 2021
रंग ये ज़िन्दगी भी देखो,बड़ी अजीब सी है। अलग-अलग रंगो, से ये सजी हुई है। कुछ रंग है खुशियों के,
September 18, 2021
बाल कविता चिड़िया चूं – चूं चीं – चीं करती चिड़िया । सब के मन को भाती चिड़िया
September 18, 2021
बाल कविता टेलीविजन मैं हूँ बच्चों टेलीविजन । मेरा कोई नहीं है सीजन ।। मैं चलता रहता हरदम ।
September 18, 2021
खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान होगा खुदा भी आजकल खुद में ही परेशान होगा ऊपर से जब कभी
September 18, 2021
बाल कविता रात रात हुई भई रात हुई । दिन हो गया ज्यूँ छुई मुई ।। रात हुई अंधेरा साथ लाई