Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Gazal

Wo jinke nam ki shayariyan sunate ho

 ‘वो’ जिनके नाम से शायरीयाँ सुनाते हो  ‘वो’ जिनके नाम से शायरीयाँ सुनाते हो क्या सचमुच तुम इतना प्यार जताते …


 ‘वो’ जिनके नाम से शायरीयाँ सुनाते हो

Wo jinke nam ki shayariyan sunate ho

 ‘वो’ जिनके नाम से शायरीयाँ सुनाते हो

क्या सचमुच तुम इतना प्यार जताते हो।

  प्यार  कभी शब्दों में वयां होता है क्या

फ़िर क्योंकर भला खुद पर इतराते हो।

तारीफ़ तन-बदन तक सीमित रहता है

तो रिश्ता रूह का है क्यों बतलाते हो ।

फिदा हो जाते हो उसकी अदाओं पर

खुबसूरती पे ही उसके तुम मर जाते हो।

हक़ीक़त है कि तुम्हें प्रेम हुआ ही नहीं

बस दैहिक आकर्षण में उलझ जाते हो ।

अव्यक्त प्रेम सर्वोत्तम है जान लो तुम

जिसे बिना अभिव्यक्ति के ही निभाते हो ।

-अजय प्रसाद


Related Posts

गजल- अज्ञात नहीं रखते।

August 21, 2022

गजल- अज्ञात नहीं रखते। अच्छाई अपनाकर, खामियां भूलाकर,हम किसी से शिकायत नहीं रखते।उदारता की तो है कमी इस दुनिया में,हम

गजल -आता है

June 23, 2022

 गजल -आता है सिद्धार्थ गोरखपुरी रह – रह कर ये अक्सर सवाल आता है के क्या कभी मेरा भी खयाल

ग़ज़ल – हार जाता है

June 23, 2022

 ग़ज़ल – हार जाता है सिद्धार्थ गोरखपुरी गुरुर बड़ा होने का है मगर ये जान लो यारों प्यास की बात

साँस की सुबास है।- ग़ज़ल

February 28, 2022

साँस की सुबास है।- ग़ज़ल साँस की सुबास है। रात और खाब है।। तख्त ताज आज का।ऐश ओ विलास है।।

घटा मुझ को यही बतला रही है- प्रिया सिंह

January 7, 2022

ग़ज़ल -घटा मुझ को यही बतला रही है घटा मुझ को यही बतला रही है।मुसीबत हर तरफ़ से आ रही

अक़्ल और इमान खतरे में है-अजय प्रसाद

January 6, 2022

अक़्ल और इमान खतरे में है अक़्ल और इमान खतरे में है अब मुर्दे की जान खतरे में है।आप जीते

Leave a Comment