Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Talash zindagi ki by komal Mishra koyal

 तलाश ज़िंदगी की क्या कुसूर मेरा था,  बस अपने घर को छोड़ा था।  पूरे हो सके ख़्वाब इन आँखों के,  …


 तलाश ज़िंदगी की

Talash zindagi ki by komal Mishra koyal

क्या कुसूर मेरा था, 

बस अपने घर को छोड़ा था। 

पूरे हो सके ख़्वाब इन आँखों के, 

इसी खातिर तो अपनों से नाता तोड़ा था। 

छूटे थे माँ बाप, छूटे थे कुछ अपने, 

इन आँखों के सपनों के खातिर ही तो। 

मैंने छोड़ा था गाँव अपना, 

दूर हुआ उन गलियों से, 

जहाँ बचपन गुजारा था। 

पकड़ कर ऊँगली माँ कि अपने, 

इस जहाँ से नाता जोड़ा था। 

छूटा है साथ उनका,टूटे हैं कई सपने, 

माँ के हांथों से खाने को तरसते हैं, 

ये होंठ अपने। 

गुजर गई ये उमर सारी, 

छुटी ना ज़िंदगी मेरी तुझसे यारी। 

चलाये चलती है अब भी रेले में, 

जाने कहाँ ले जाएगी ये किस्मत हमारी। 

इक दिन जीत जाऊँगा ये सपने दिखाती है, 

अगले ही पल हमको ख़ाख दिखाती है। 

जिद पर अड़ा हूँ किस्मत से भिड़ा हूँ, 

अपने सपनों के खातिर इस जमाने से लड़ा हूँ। 

पूरे होंगे ख़्वाब मेरे,मिल जाएंगे सारे अपने, 

जाऊँगा वापस इक दिन मैं गाँव अपने। 

मिलूँगा माँ से उनको गले लगाऊंगा, 

हाथों से उनके सोंधी रोटी खाऊंगा। 

रख कर गोदी में सिर उनके, 

किस्से कामयाबी के मैं सारे उनको सुनाऊँगा। 

थकन भूल कर सारी, 

बस सुकून से सो जाऊँगा।।

                      नाम- कोमल मिश्रा “कोयल”

                       शहर – प्रयागराज


Related Posts

Tute huye risto ka ahsas by km.soni muskan

September 15, 2021

 टूटे हुए रिश्तों का एहसास कुछ टूटे हुए रिश्तों की भी हमेशा याद आती है रिश्ते तो खत्म हो चुके

Beti aur dahej by km. Soni muskan

September 15, 2021

 बेटी और दहेज बेटियां न जाने कब तक बिकती रहेंगी दहेज के बाजार में लोग बेटी को स्वीकार करते हैं

Dil parvana by km.soni muskan

September 15, 2021

 दिल परवाना (कविता) इश्क की गलियों से जो गुजरा  दिवाना हो गया जब मिला कोई रूप प्यारा दिल परवाना हो

He narayan par lga do by vijay Lakshmi Pandey

September 15, 2021

 हे !नारायण  पार  लगा  दो …!! रे ! रँगरेज  मोरी  चुनर रंग दे , धानीं   चटख   गुलाबी    में ।

Hindi tu sahil by Dr. Indu kumari

September 15, 2021

 हिन्दी तू साहिल                         हमारी आत्मा है भाषा शहद

Shan a hind by jayshree birmi

September 15, 2021

 शान–ए– हिंद आन भी हैं तू मान भी हैं तू हिंदी तू हिंदुस्तान की जान हैं तू तेरी मीठे शब्दों

Leave a Comment