Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Mamta_kushwaha, poem

sukoon-aye talash by mamta kushvaha

सुकून -ऐ-तालाश सुकून -ऐ-तालाश सबको है इस जहां में ,हर एक इंसान परेशान है खुद में बस कोई जाहिर कर …


सुकून -ऐ-तालाश

sukoon-aye talash by mamta kushvaha
सुकून -ऐ-तालाश सबको है
इस जहां में ,
हर एक इंसान परेशान है खुद में
बस कोई जाहिर कर देता है ,
तो कोई छुपा लेता है इसे
हेैेरत ना होना कभी खुद से तुम ,
ये दुनियादारी इतना आसान नहीं
सब उलझे हुए खुद के उलझनों में,
सुकून -ऐ-तालाश सबको है
इस जहां में ,
हर कोई खफा है इस जिन्दगानी में
जो मुस्कुरा कर बिता रहा हर पल ,
हर हाल में है वही खुश इस जहां में
वरना हर कोई तबहा हैं
इस जहां में ,
कहाँ किसी को मिलता सबकुछ
इस जहां में सभी को ,
सबकुछ पाने की ख़्वाहिश में
सब उलझे गए उलझनों में अनेक ,
सुकून -ऐ-तालाश सबको है
इस जहां में |

ममता कुशवाहा
स्वरचित एवं मौलिक कविता
पिपरा असली, मुजफ्फरपुर, बिहार


Related Posts

मित्रता – डॉ इंदु कुमारी

January 6, 2022

मित्रता सर्वोपरि सब रिश्तों मेंकीमत न लेते किस्तों में सार शब्द है मित्रता केसार्थक पहलू है रिश्तों के ईश्वर स्वरुप

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सीखें हम बुजुर्गों का सम्मान करना हर बात सही नहीं हो सकती किसी की कभी भीलेकिन जो हमारे लिए सही

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

चलो निकालें सप्ताह में एक दिन! चलो निकालें सप्ताह में एक दिन, जिसमें खुद का साथ हो,बस खुद से बात

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 27, 2021

नहीं चाहिए ऐसे दोस्त! दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना, उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और

अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 27, 2021

अभी पूस मनाते हैं. किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है, मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!उसनें कहा–जनवरी आएगीहाड़

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. -सचिन राणा “हीरो”

December 27, 2021

विद्यालय “स्कूल” हो गये…. नये भारत में विद्यालय जब से स्कूल हो गये… परेशान हैं अभिभावक मगर बच्चे कूल हो

Leave a Comment