Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

sirf upyogita ko salam by Jitendra kabir

 सिर्फ उपयोगिता को सलाम गौशालाओं में… सबसे बढ़िया एवं पौष्टिक चारा आता है दुधारू गाय और उपयोगी बैल के हिस्से …


 सिर्फ उपयोगिता को सलाम

sirf upyogita ko salam by Jitendra kabir

गौशालाओं में…

सबसे बढ़िया एवं पौष्टिक चारा आता है

दुधारू गाय और उपयोगी बैल के हिस्से में,

बांझ, बूढ़ी गाय एवं बैल के हिस्से में

आ पाता है रूखा-सूखा, बचा-खुचा ही माल,

उपयोगी न रहने पर

कई बार होती नहीं इन्हें छत भी नसीब,

सड़कों पर घूमते आवारा पशु

इस बात की हैं मिसाल।

परिवारों में…

सबसे ज्यादा तवज्जो, सम्मान एवं लाड़-प्यार

आता है

परिवार के कमाऊ सदस्यों और पढ़ाई में 

अच्छे बच्चों के हिस्से में,

बेरोजगार और अपनी उपयोगिता खो चुके

प्रौढ़ सदस्यों के हिस्से में

आता है बहुत बार तिरस्कार भरा व्यवहार,

कई बार उन्हें होता नहीं घर भी नसीब,

वृद्धाश्रमों और फुटपाथों पर रहे निराश्रित लोग

इस बात की हैं मिसाल।

इंसान हो, जानवर हो या हो कोई

यंत्र, वस्तु जैसा कुछ और भी

उपयोगी बना रहता है जब तक

किया जाता है तब तक ही उसका इस्तकबाल,

नहीं तो धीरे-धीरे उसके अपने भी

करने लगते हैं कम उसकी सार- संभाल।

                                         जितेन्द्र ‘कबीर’

                                         

यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।

साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’

संप्रति – अध्यापक

पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश

संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

दुनियादारी की बात- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

दुनियादारी की बात ज्यादातर मेहनती एवं फुर्तीले लोगपसंद नहीं करते अपने आस-पासआलसी और कामचोर लोगों को,कभी उनको डांट डपट करतो

मीरा भटक रही- डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

मीरा भटक रही हे नाथ परवर दिगार करवाओ अपनी दीदारभक्तों की सुनो पुकारमीरा भटक रही संसार । मायाजाल क्यों बिछायासब

जो सबसे जरूरी है- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

जो सबसे जरूरी है एक दृश्य अक्सर दिख जाता है मुझे अपने आस-पास… चार कंधों पर अपनी आखिरी यात्रा परनिकले

काटब धान – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

काटब धान सखी रे हुलसायल मनमा आयल अगहन महीनमाधान काटी करब पबनियाचूड़ा कुट करब नेमनमा। कुल देवी के चढ़ायब नागुड़

छोड़ दो नफरत करना- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 16, 2021

छोड़ दो नफरत करना सिर्फ इसलिए कि कुछ बाघ नरभक्षी निकल जाते हैं,तो क्या दुनिया से उनका वजूदमिटा दिया जाना

मानव तन – डॉ इंदु कुमारी

December 16, 2021

 मानव तन अनमोल  यह तन पानी का बुलबुलामाया नगरी यह है संसारतारण हार प्रभु संग हैखोज लो बारम्बार बीता हुआ

Leave a Comment