शब्दों की चोट
उस खाई के विरुद्ध ।
कभी जुदा करती है ।
चिंगारी पैदा करती है।।
8800784868
शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है। चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।। जैसे बसंत में भी …
September 14, 2021
क्या कहेंगे भला हम उस भाईचारे को क्या कहेंगे भला हम उस भाईचारे को रोक न पायी जो मुल्क के
September 14, 2021
बेसिर-पैर की बात मत करना बेसिर-पैर की बात मत करना दिन को कभी रात मत कहना। रुसबा न हो जाए
September 14, 2021
इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है इश्क़ में भी अब इंस्टालमेंट है आशिक़ी में भी रिटायरर्मेंट है । कितने मच्यौर
September 14, 2021
एक स्त्री की व्यथा पहली नजर में… बड़ा सभ्य और सुसंस्कृत नजर आया था वो इंसान, गाली-गलौज पर उतरा वो
September 14, 2021
रोया कबीरा समझ न पाए रोया कबीरा दीन दुखियों पर, गाया कबीरा मोहताजों पर , संदेश दिया साखी पढ़ कर
September 14, 2021
हिन्दी की महानता , हिन्द हमारी हिन्द की भाषा , हम इसके बासी हैं , मातृभूमि के चरणों में अर्पित,
Nice poem