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RRR movie : Golden globe se Oscar tak

 आरआरआर : गोल्डन ग्लोब से ऑस्कर तक ए.आर.रहमान को जब गोल्डन ग्लोब अवार्ड मिला था, पूरे भारत के लोगों ने …


 आरआरआर : गोल्डन ग्लोब से ऑस्कर तक

RRR movie : Golden globe se Oscar tak

ए.आर.रहमान को जब गोल्डन ग्लोब अवार्ड मिला था, पूरे भारत के लोगों ने खूब खुशियां मनाई थीं। देश का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं था, जिसने इस बात पर गर्व का अनुभव न किया हो। क्योंकि रहमान का म्युजिक तो लगभग सभी को अच्छा लगता है। उनके बनाए गाने हर किसी की मनपसंद की लिस्ट में आते हैं। खैर, फिर एक बार हमारे लिए गर्व का समय आ गया, जब आरआरआर फिल्म के गाने नाटू नाटू को बेस्ट गाने का गोल्डन ग्लोब अवार्ड मिला। अवार्ड की घोषणा होते ही सोशल मीडिया पर यह समाचार फैल गया। लगभग हर किसी ने अपनी स्टोरी और पोस्ट में इस खुशी के समाचार को शेयर कर के अपनी खुशी जाहिर कीञ। 80वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड में बेस्ट ओरिजनल गीत का अवार्ड आरआरआर के नाटू नाटू गाने को मिला। सचमुच यह बड़ी बात है। पर यहां एक विचार यह भी आता है कि नाटू नाटू के अलावा हमारी इंडस्ट्री में लिरिकल दृष्टि से ढ़ेर सारे गाने बन चुके हैं। गाने के संगीत के साथ उसके बोल, उसके शब्दों का महत्व भी होना जरूरी है। संगीत और लिरिक्स की दृष्टि से भारतीयों ने ढ़ेर सारे गाने बनाए हैं तो उन सभी को अवार्ड के लिए नॉमिनेशन या अवार्ड क्यों नहीं मिला? भारत के लिए नाटू नाटू को गोल्डन ग्लोब यानी दूसरे नंबर प्रोस्टिजियस अवार्ड मिला, यह अच्छी बात तो है, पर क्या सचमुच यह गाना इतना डिजर्विंग था। यह भी चर्चा का विषय है। खैर, इस समाचार के बाद इंडस्ट्री के ज्यादातर लोगों ने राजमौली और सिंगर एमएम किरवानी को बधाई दी है। खुशी के इस पल में सहभागी होने के लिए डायरेक्टर राजमौली, जूनियर एनटी आर और रामचरण तेजा भी हाजिर थे। गोल्डन ग्लोब अवार्ड मिलने के बाद अब फिल्म आरआरआर ऑस्कर के लिए नामित हुई है।
साऊथ की यह काफी चर्चित फिल्मों में एक है। इस फिल्म में रामचरण और जूनियर एनटीआर, अजय देवगन और आलिया भट्ट जैसे कलाकार हैं। इसमें दोस्ती, धोखेबाजी और देशमक्ति सब कुछ है। यह फिल्म ब्रिटिश हुकूमत पर आधारित एक्शन फिल्म थी। राजमौली की यह फिल्म दर्शकों के काफी इंतजार के बाद आई थी। इसके पहले आई डायरेक्टर राजमौली की फिल्म बाहुबली ने फिल्म जगत में अपना एक नया रिकार्ड कायम किया था। फिल्म आरआरआर ने भी परदे पर उसी तरह धमाल मचाया था। अब अगर इसे ऑस्कर मिल जाता है तो अवार्डों में भी राजमौली की यह फिल्म धमाल मचा देगी। वैसे तो ऑस्कर में नामित होना ही बड़ी बात है।
हमारे लिए विदेशी अवार्ड सदा ही महत्वपूर्ण रहा है। गोल्डन ग्लोब हो, ऑस्कर हो या फिर ग्रेमी। इसके पहले तमाम लोगो ने ऑस्कर जैसे बड़े अवार्ड के लिए अपनी फिल्में भेजी हैं, पर उन्हें निराशा ही मिली। अब इस बार गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीतने वाली फिल्म आरआरआर ऑस्कर 2023 के लिए नॉमिनेट हो गई है। फिल्म के गाने नाटू नाटू को ओरिजनल सांग की कैटिगरी में नाॅमिनेशन मिला है। इसके पहले आमिर खान ने जब अपनी फिल्म ‘लगान’ को ऑस्कर में भेजी थी, तब वह बहुत उत्साहित थे। पर जब ‘लगान’ का सिलेक्शन नहीं हुआ तब वह निराश हो गए थे। खैर, ऐसा क्यों? आखिर विदेशी अवार्ड इतना महत्वपूर्ण क्यों है और जब विदेशी अवार्ड मिलता है तो हम इतना गौरवान्वित क्यों हो जाते हैं? इसके पहले भी स्लमडॉग मिलियोनर के लिए रहमान को बेस्ट म्युजिक कम्पोजर का अवार्ड मिला तभी लोगों को बहुत खुशी हुई थी। 
यही चीज हमारे अवार्ड की ओथेंटिसिटी दर्शाती है। हमारी इंडस्ट्री में आमिर जैसे तमाम स्टार हैं, जिन्हें अवार्ड समारोह मेंजाना ही छोड़ दिया है। आमिर ने बहुत पहले ही कहा था कि भारत में एक भी ऐसे अवार्ड नहीं है, जो तटस्थ रूप से जो सचमुच डिजर्विंग हों, उन लोगों को अवार्ड नहीं दिया जाता। हर अवार्ड खरीदा जा सकता है। हर अवार्ड बिकाऊ है। यह आरोप मात्र आमिर ने ही नहीं लगाया, एक समय अजय देवगन, अक्षय कुमार, सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार राव, परेश रावल, नासिरुद्दीन शाह से ले कर अनेक छोटे-बड़े कलाकार यह आरोप लगा चुके हैं। सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म महेंद्र सिंह धोनी फिल्म को एक भी नाॅमिनेशन नहीं मिला तो उन्होंने भी यहो कहा था। इस फिल्म में उन्होंने जो भूमिका की थी, वह अवार्ड लायक थी, अगर संजू के लिए रणबीर को बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिल सकता है तो सुशांत ने धोनी के रूप में धोनी की बायोपिक में कहीं अच्छा काम किया था। फिर भी उस पर ध्यान नहीं दिया गया था। बस, उसी समय से इंडस्ट्री के तमाम लोगों से सुशांत की अनबन हो गई थी।
खैर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इसके पहले भी ढ़ेरों कलाकार और ढ़ेर सारी फिल्में इस तरह पक्षपात का शिकार हो चुकी हैं। फिल्म फेयर के पिछले कुछ सालों के अवार्ड समारोह के ऊपर नजर डालें तो आप को पता चलेगा कि तमाम अवार्ड इस तरह के कलाकारों को मिले हैं, जो अमुक कैंप के लाडले हैं या फिर उनके साथ उनका नाम जुड़ा है। फिल्म कैसी थी  इस कोई फर्क नहीं पड़ता। हां, आप की पहुंच कितनी है और किसकी फेवरिट लिस्ट में हैं, यह महत्वपूर्ण है। इसमें कुछ नाम पक्के हैं। इसमें करण जौहर का नाम सब से ऊपर है।
खैर, आदमी कोई भी हो, भारतीय अवार्ड अपना सातत्य खो चुके हैं, साथ ही साथ इनकी और सम्मान भी खो चूका है। इसलिए हमारे यहां जो सचमुच में अच्छा काम कर रहे हैं, विदेशी अवार्ड के लिए उनका नाम आगे आए इसकी राह देखते रहते हैं। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो सालोंसाल से फिल्म अवार्ड पा रहे हैं।

About author 

वीरेन्द्र बहादुर सिंह जेड-436ए सेक्टर-12, नोएडा-201301 (उ0प्र0) मो-8368681336

वीरेन्द्र बहादुर सिंह
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