Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Pareshani by Mausam Khan

    परेशानी  है , परेशान आज जहां सुख तलाश करता चहूं दिस ओर। कुछ लिखने कि कोशिश करता हूं …


    परेशानी

Pareshani by Mausam Khan

 है , परेशान आज जहां सुख तलाश करता चहूं दिस ओर।

कुछ लिखने कि कोशिश करता हूं तुमको करना है इन पे गोर।।

शुरू करते है किसान से, जिसकी बहुत परेशानी है।

अतिवृष्टि, अनावृष्टि, खाद, बीज, दूध और उसके बेटा बेटी सयानी है।।

बात करते है नेता लोगो की,उनको  सत्ता की  परेशानी है,

झूठे सच्चे वादे कर जो सत्ता मिली वो आज मुश्किल से बचानी है।।

सरकारी नौकरी केलिए  मारा मारी करते उसको भी बहुत  परेशानी है।।

टाईम से ड्यूटी जाओ, सी एल का डर,और भ्रष्टाचार में मुश्किल से नौकरी करनी है।।

युवाओं की बात करते है, उन्हें रोजगार की  परेशानी है।

लीक होते पेपर आज़ उनको पता नही,कैसे नौकरी पानी  है।।

नित नई बीमारी आवे , स्वास्थ की   परेशानी है।

बच्चे जवान बूढ़े सब बीमार है ,आज घर घर की  परेशानी है।।

बाजारों में जा  के  देखो वहां भी परेशानी है।

नगद, उधार, असली ,नकली, सब की अलग अलग कहानी है।।

कोर्ट कचहरी अस्पतालों में  वहां भी परेशानी है।

उचित न्याय, ना  इलाज  मिले, कैसी  दुनियादारी है।।

कोसो दूर मन्नत करने जाते , वहां भी  परेशानी है,।

दिए चढ़ावा जो हमसे ज्यादा पहले उसकी  बारी है।।

आखिर  कहा गया आज सुख ,  सुख का अता पता  नहीं।।

मौसम कहे, मानवता कर  तू मानवता से बढ़ कर सुख नहीं।।।

   मौसम खान अलवर  राजस्थान


Related Posts

Sakaratmak urja by Anita Sharma

September 4, 2021

 सकारात्मक ऊर्जा* हे मानुष तू न हो निराश। कर्म पथ पर बढ़ता चल  राह कठिन एकाकी होगी पर दायित्व संभाले

Sathi hath badhana by Anita Sharma

September 4, 2021

 *साथी हाथ बढ़ाना* साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थका हारा हो, साथ साथ बढ़ना उसके। हाथों को थामे रखना अपनो

Anath tere bin by Indu kumari

September 4, 2021

 श्री कृष्ण जन्मोत्सव   अनाथ तेरे बिन  आधी रात को जन्म भये कारावास का खुले वज्र कपाट दैत्य प्रहरी सो गए 

Sikhane ki koshish by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करें अपने बच्चों को खाना बनाना भी पढ़ाई के साथ-साथ, वरना  लाखों के

Nishkam karm by Anita Sharma

September 4, 2021

 निष्काम कर्म हम कर्म करें निषकर्म भाव से। हो सेवा निष्कर्म भावों की। न अपेक्षा रखे किसी से। न उपेक्षित

Barsaat ki ek rat by Anita Sharma

September 4, 2021

बरसात की एक रात   इक रात अमावस की थी,         बरसता था पानी। रह-रह कर दामिनी

Leave a Comment