Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

Musaladhar barish kavita by Anita Sharma

 मूसलाधार बारिश एक जमाना याद आया,मूसलाधार बारिश देखी।यादों के झुरमुट में बसी,वही पुरानी यादें लौटी। लगातार बिन रूके तब,गिरता था …


 मूसलाधार बारिश

Musaladhar barish kavita  by Anita Sharma

एक जमाना याद आया,
मूसलाधार बारिश देखी।
यादों के झुरमुट में बसी,
वही पुरानी यादें लौटी।

लगातार बिन रूके तब,
गिरता था पानी।

रस्सी पर बिन सूखे ही,
लटका करते गीले कपड़े।

एक जमाने के अंतराल में,
दोहराया प्रकृति ने मंजर।
घरों में कैद किया बारिश ने,
लबालब सड़कों में भरा पानी।

वहीं कई घरों में हाजिरी दी,
पानी ने भरकर।
हुआ अस्त व्यस्त जनजीवन,
बिजली ने भी झटका मारा।

अंधकार में शहर डूबा था,
गर्मी ने बेचैन किया।
आया सावन झूम कर ,
बदरा बरसे झूमकर ।

बचपन में जो देख जिया था,
आँखे तरसा करती थी ।
मन में बसा जो चित्र था ,
बरसों बाद फिर जिया उसे।

अनिता शर्मा झाँसी
मौलिक रचना


Related Posts

पाखंड लगता है- जितेन्द्र ‘ कबीर ‘

March 25, 2022

पाखंड लगता है एक विजेता!अपने सारे संसाधनझोंक देता हैयुद्ध के मैदान मेंजीत के लिए,विजय उसका चरित्र हैलेकिनजब वो लगाता है

हालात बदलेंगे क्या?- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

हालात बदलेंगे क्या? आज जब नारे बुलंद होंगेदुनिया भर मेंमहिलाओं की सुरक्षा के,बहुत सारी महिलाएं संघर्ष कर रही होंगीहवस के

कोई रंग ऐसा बरस जाए- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

कोई रंग ऐसा बरस जाए इस बार होली में कोई रंग आसमां सेऐसा बरस जाए,कि बस इंसानियत के रंग में

इतिहास साहित्य में नजर आता हैै जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

इतिहास साहित्य में नजर आता है उन लोगों की बुद्धि को नमन!जो समझते हैंकि फिल्मकार इतिहास दिखाता हैजबकि ज्यादातर वोपैसा

उत्सव मनाता लोकतंत्र- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

उत्सव मनाता लोकतंत्र महिला सुरक्षा काबड़ा सा सरकारी विज्ञापनअखबार के पहले पन्ने पर था,दूसरे व तीसरे पन्ने पर थीसामूहिक बलात्कार

अच्छाई का पैमाना- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

अच्छाई का पैमाना अच्छा सैनिक कौन है?वो जो अपने सेनापति एवं शासकके आदेश परयुद्ध छेड़ दे अपनी जान की परवाहन

Leave a Comment