kavita is dhara par aurat by mahesh kumar keshri
कविता.. इस धरा पर औरतें.. हम, हमेशा खटते मजदूरों की तरह, लेकिन, कभी मजदूरी नहीं पातीं .. !! और, आजीवन …
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नहीं चाहिए ऐसे दोस्त- डॉ. माध्वी बोरसे!
December 27, 2021
नहीं चाहिए ऐसे दोस्त! दोस्ती का मतलब है, दोस्त को सही राह पर लाना, उनके साथ हंसना, रोना, पढ़ना, और
अभी पूस मनाते हैं.- विजय लक्ष्मी पाण्डेय
December 27, 2021
अभी पूस मनाते हैं. किसी नें मुझसे कहा -दिसम्बर जा रहा है, मैंनें कहा- पूस सता रहा है..!!उसनें कहा–जनवरी आएगीहाड़
विद्यालय “स्कूल” हो गये…. -सचिन राणा “हीरो”
December 27, 2021
विद्यालय “स्कूल” हो गये…. नये भारत में विद्यालय जब से स्कूल हो गये… परेशान हैं अभिभावक मगर बच्चे कूल हो
बीती रात हो गई भोर- डॉ हरे कृष्ण मिश्र
December 27, 2021
बीती रात हो गई भोर अंतर्मन की पूर्ण कामना, बिना तुम्हारे सभी अधूरे,एहसास हमारा अपना है,एकाकीपन जीवन अपना।। सानिध्य तुम्हारा
मर्जी उसकी-डॉ हरे कृष्ण मिश्र
December 27, 2021
मर्जी उसकी पंख लगा उड़ने की इच्छा , मानव मन भी कर लेता है ,आशा और जिज्ञासा लेकर ,दूर गगन
परेशान होने की जरूरत नहीं-जितेन्द्र ‘कबीर’
December 27, 2021
परेशान होने की जरूरत नहीं दिन – प्रतिदिन बढ़ती खाद्य पदार्थों की महंगाई से जनता कोजरूरत नहीं है परेशान होने
