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Bhaskar datta, poem

Kavita : ओ मेरी हिंदी

 ओ मेरी हिंदी मेरी हिंदी मुझे तुम्हारे अंतस् मेंमाँ का संस्कार झलकता हैक्योंकि तू मेरी माँअर्थात् मातृभाषा हैऔर मातृभाषा- मातृभूमि …


 ओ मेरी हिंदी

Kavita : ओ मेरी हिंदी

मेरी हिंदी
मुझे तुम्हारे अंतस् में
माँ का संस्कार झलकता है
क्योंकि तू मेरी माँ
अर्थात् मातृभाषा है
और मातृभाषा- मातृभूमि का ही पर्याय है
उस मातृभूमि का
जिसमें हम सभी जीवित हैं
एक साथ संवाद करते हुए
सदियों से
बिना किसी आपसी प्रतिरोध के…

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भास्कर दत्त शुक्ल  बीएचयू, वाराणसी
भास्कर दत्त शुक्ल
 बीएचयू, वाराणसी

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