Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Jivan me aajadi by Anita Sharma

 जीवन में आजादी यूँ तो आजादी सभी का स्वप्न है। पर दायित्व में सभी बंधे हुए। है संसार कर्तव्यो के …


 जीवन में आजादी

Jivan me aajadi by Anita Sharma

यूँ तो आजादी सभी का स्वप्न है।

पर दायित्व में सभी बंधे हुए।

है संसार कर्तव्यो के निर्वहन का।

बंधे सभी रिश्तों-नातों की डोर से।

हाँ आजादी विचारों की शृंखला की।

कुछेक स्वैच्छिक रूचिकर कार्यो की।

आजादी जीवन में मर्यादित हो।

न कष्ट हो किसी अपने को।

आजादी तो हो किन्तु….

बोल मीठे मुख से निकले।

हो आजादी जीवन में निर्णय लेने की।

राह परिपक्व होनी चाहिए।

जीवन समाज के बंधन का है।

आजादी जीवन के लिए जरूरी पर….

सामाजिक शिष्टाचार का भान होना चाहिए।

जकड़न न हो रिश्तों में मानसिकता आजाद होनी चाहिये।

—–अनिता शर्मा झाँसी

—–मौलिक रचना


Related Posts

कविता-वो पंछियों के घरौंदे

May 2, 2022

वो पंछियों के घरौंदे आज भी उसी पेड़ की शाख पर वही पंछियों के घरौंदे हम पाए थे।।जो कभी हमनें

कविता -गर्मी

May 1, 2022

गर्मी बेवफाई की चांद नेचांद को तो कुछ कह नहीं पाए लेकिन मोहब्बत इतनी थीको उसे भूला भी न पाए

मैं महाराष्ट्र निवासी -कविता

April 30, 2022

कविता -मैं महाराष्ट्र निवासी आज अपने महाराष्ट्र राज्य कि गाथा गाके मैं सुनाती हूं।।मैं महाराष्ट्र कि निवासी गर्व सेभर सीना

बनाओ एकता की चैन

April 30, 2022

बनाओ एकता की  चैन शहीदों कि अरमानों की  सूली परदेखो चढ़ रहा मेरा वतन ।। शहीदों के बलिदानों से मिली

पड़ाव

April 30, 2022

पड़ाव ढल रही थी सांझ सी उम्र की लाली भीगहरी होती जा रही थी समझदारी की लकीरेंबालों में भी शुरू

स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं अमृत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में कविता

April 30, 2022

स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं अमृत जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में कविता स्वतंत्रता दिवस की अमृत जयंती स्वतंत्रता दिवस की

PreviousNext

Leave a Comment