Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

geet, poem

Hindi divas par Gitika by Rajesh Shukla

 हिन्दी दिवस पर गीतिका तकल्लुफ, बेशुमार हिंदी में जुवां है शानदार हिंदी में । हमने कब इश्क को लव कहा …


 हिन्दी दिवस पर गीतिका

Hindi divas par Gitika by Rajesh Shukla

तकल्लुफ, बेशुमार हिंदी में

जुवां है शानदार हिंदी में ।

हमने कब इश्क को लव कहा

तुम्हारा प्यार, प्यार हिंदी में।

तुमने तो खत लिखे अंग्रेजी में

हमें तुमसे है, प्यार हिंदी में।

जवानी खत्म होने वाली है

फिर भी न उतरा, खुमार हिंदी में।

तुम्हे पता है मेरे प्यार का राज

छुपाए रखना उसे, यार हिंदी में।

सुनो जी मौत तो हक़ीक़त है

जिंदगी का लिक्खा, सार हिंदी में।

स्वरचित राजेश शुक्ला 

सोहागपुर


Related Posts

साहित्य राष्ट्र की महानता

July 6, 2023

भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार

भारतीय नारी सब पर भारी- Kavita

July 6, 2023

भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या

नारी पर कविता | Naari par kavita

July 2, 2023

भावनानी के भाव  नारी पर कविता  नारी ऐसी होती है जो सभी रिश्तो को एक धागे में पिरोती हैमां बहन

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

July 2, 2023

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले

मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं

July 2, 2023

भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं   मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम

भारतीय संस्कार पर कविता

July 2, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत

PreviousNext

Leave a Comment