Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

geet, poem

Geet by mainudeen kohari

 गीत गीत गाए जा.. गुनगुनाए जा… हो सके तो…हो सके तो… मजलूम का दिल बहलाए जा …! गीत गाए जा …


 गीत

Geet by mainudeen  kohari

गीत गाए जा..

गुनगुनाए जा…

हो सके तो…हो सके तो…

मजलूम का दिल बहलाए जा …!

गीत गाए जा … 

राहों में कांटे भी आएंगे

उनसे न घबराना …

हो सके तो … हो सके तो …

काँटों को भी सहलाए जा …!

गीत  गाए जा…. 

पर सेवा भी उपकार है

जीवन का इसमें सार है

हो सके तो…हो सके तो …

नर सेवा में जीवन लगाए जा …!

गीत गाए जा … 

काम-क्रोध-लोभ को तज दे

सुख से जीवन जीना है तो

हो सके तो … हो सके तो …

हंसी-खुशी से जीवन जीए जा …  !

गीत गाए जा … 

ऐ ” नाचीज” तू भी अब सोच ले…

इस दुनियां से इक़ दिन जाना है…

हो सके तो … हो सके तो  …

मन-वचन-कर्म से अच्छा कुछ किए जा … !!! 

गीत गाए जा…गुनगुनाए जा

हो सके तो …हो सके तो ……!

^^^^^^^^^^^^^^^^^

मईनुदीन कोहरी “नाचीज़ बीकानेरी”


Related Posts

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

कविता – ‘रूह’ | kavita rooh

January 9, 2023

कविता – ‘रूह’ मैं अजर हूँ मैं अमर, जीवन मृत्यु से हूँ परे।रहती हूँ प्राणी के तन में मैं,दिए में

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

January 8, 2023

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध

Kashmir par kavita | कश्मीर पर कविता

January 8, 2023

अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा

व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं

January 8, 2023

 व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं  गंभीर

नए साल में नई शुरुआत!

January 6, 2023

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

PreviousNext

Leave a Comment