Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

gazal by krishna kant kamil prayagraj

ग़ज़ल ️ लिक्खा या बिन लिक्खा पढ़नाजो भी पढ़ना अच्छा पढ़ना ग़र मंज़िल तक जाना है तोसबसे पहले रस्ता पढ़ना …


ग़ज़ल ️

gazal by krishna kant kamil prayagraj

लिक्खा या बिन लिक्खा पढ़ना
जो भी पढ़ना अच्छा पढ़ना

ग़र मंज़िल तक जाना है तो
सबसे पहले रस्ता पढ़ना

ग़र लिखना है कुछ अच्छा तो
लिखने से तुम ज्यादा पढ़ना

हम शायर करते रहते हैं
पढ़ना लिखना लिखना पढ़ना

ख़ाक बड़ा होने देगा ये
तेरा सबको छोटा पढ़ना

नाम लिखा होगा शायर का
आप ग़ज़ल का मक़ता पढ़ना

अदब नहीं तुझमें ग़र ‘कामिल’
बेमानी है लिखना पढ़ना

बेमानी- बेकार, अर्थहीन
*******************

– कृष्ण कान्त ‘कामिल’
-ग्राम- पूरा मुनई, तह- कोरांव, जनपद- प्रयागराज-
पिन कोड -212306


Related Posts

खुशियों की बहार-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 24, 2022

खुशियों की बहार! लाए खुशियों की बहार, चाहे परेशानियां हो हजार,जिंदगी तो है कुछ पलों की,लड़े कैसा भी हो प्रहार!

देशभक्ति २१ वी सदी में-सतीश लाखोटिया

January 24, 2022

देशभक्ति २१ वी सदी में वतन पर क्या गाऊँ मैंदेशभक्ति के गीतहम माटी के पुतलेभूल गए उन शहीदो कीदेश पर

मकर संक्रान्ति का महत्व

January 17, 2022

मकर संक्रान्ति का महत्व  हिंदू धर्म ने माह कोदो पक्षों में बाँटा गया हैकृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष,वर्ष को भी

संक्रांति -डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

संक्रांति ! चलो हम सब मिलकर बनाते हैं मकर संक्रांति, सर्दियों में आलस्य में जकड़ा, शरीर पकड़े थोड़ी सी गति,भागदौड़,

सर्दी का मौसम-डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

सर्दी का मौसम! दिसंबर के महीने से पड़ती, सबसे ठंडी रितु सर्दी,जैकेट, ऊनी कपड़े पहनते सब,ओले, तेज हवा और पड़ती

लोहड़ी का पर्व- डॉ. माध्वी बोरसे

January 16, 2022

लोहड़ी का पर्व! फसल की कटाई और बुआई के तौर पर मनाया जाता है यह त्योहार,सब नए नए वस्त्र पहनकर,

Leave a Comment