Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Gazal

Ateet se nikal vartman me aa by Ajay Prasad

 अतीत से  निकल  वर्तमान में आ अतीत से  निकल  वर्तमान में आ फ़िर ज़िंदगी के जंगे मैदान में आ। कब …


 अतीत से  निकल  वर्तमान में आ

Ateet se nikal vartman me aa by Ajay Prasad

अतीत से  निकल  वर्तमान में आ

फ़िर ज़िंदगी के जंगे मैदान में आ।

कब तक रोएगा तू नाकामियों पर

जी चुका जमीं पे आसमान में आ ।

दूसरों पे तोहमत  लगाने से पहले

जा झांक के अपने गिरेवान में आ।

वादा है चुकाऊँगा मोल जाँ दे कर

मुझसे इश्क़ करके,एहसान में आ ।

झूठ के पाँव नहीं होते,सच है मगर

मत किसी झांसे में  बेइमान के आ ।

-अजय प्रसाद


Related Posts

Apni mehboba ko mushqil me dal raha hu by ajay prasad

September 14, 2021

 अपनी महबूबा को मुश्किल में डाल रहा हूँ   अपनी महबूबा को मुश्किल में डाल रहा हूँ उसकी मोबाइल आजकल  खंगाल

pyar karna tu apni aukat dekh kar by ajay prasad

September 14, 2021

प्यार करना तू अपनी औकात देख कर  प्यार करना तू अपनी औकात देख कर हैसियत ही नहीं बल्कि जात देख

Zindagi yun he jazbat se nhi chalti by Ajay Prasad

September 13, 2021

जिंदगी यूँ ही जज्बात से नहीं चलती जिंदगी यूँ ही जज्बात से नहीं चलतीफक़त उम्दे खयालात से नहीं चलती ।रुखसत

Abhi to patjhad hai basant to ayegi

May 13, 2021

Gazal-Abhi to patjhad hai basant to ayegi कभी तो हमारी याद आएगीआशमा में बादल है बरसात तो आयेगी फूल मुरझाते

Shareer hai hm Jan ho tum

February 19, 2021

                 ग़ज़ल  सुबह हो तुम शाम हो तुममोहब्बत के मेरे पहचान हो तुम

Previous

Leave a Comment