Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

Antardwand by Dr. indu kumari

 अन्तर्द्वन्द अजीब पहेली से है सुलझ नहीं पा रही नफरत और प्रेम की गुथ्थियाों का ये मंजर असमंजस की स्थिति …


 अन्तर्द्वन्द

Antardwand by Dr. indu kumari

अजीब पहेली से है

सुलझ नहीं पा रही

नफरत और प्रेम की

गुथ्थियाों का ये मंजर

असमंजस की स्थिति

जाने किनारा क्या हो

शब्दों की मझधार है

कैसे उबर   पाए हम

चल रही    अन्तर्द्वन्द

उहा पोह से निकलूं कैसे

झंझावात  में   हूं    पडे़

इन मन की स्थितियों में

कैसा हो जीवन प्रभाव

साँप-छछुन्दर की गति

चक्रव्युह में आ फँसी

जाने निदान क्या हो

क्या यही है  जीवन

की पराकाष्ठा का अंत

संबल की धरातल पर

चूमते गगन शिखरतल।

डां इन्दु कुमारी
          मधेपुरा बिहार


Related Posts

talmail Banana bhi hai mehnat ka kam by Jitendra kabir

July 16, 2021

 तालमेल बनाना भी है मेहनत का काम बहुत सारी मेहनत और पैसा खर्च करके बना लेता है एक इंसान अपने

Sab rajneeti ki bhet Chadh jayega by jitendra kabir

July 16, 2021

 सब राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा बहुत मेधावी होगा अगर किसी का बच्चा तो डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी या

Bhatka pyar by kamal bhansali

July 16, 2021

 भटका प्यार बदली सी, तेरी सूरत बहुत कुछ कहती इन आँखों में, तस्वीर दूसरे की सजती तेरे गुमशुदा ख्यालों में,

Andhnishtha me andhe inshan by Jitendra kabir

July 11, 2021

 अंधनिष्ठा में अंधे इंसान धर्म का चश्मा अपनी अक्ल पर पहने इंसान दूसरे धर्मों में देखता है केवल कमियां, उनकी

sirf upyogita ko salam by Jitendra kabir

July 11, 2021

 सिर्फ उपयोगिता को सलाम गौशालाओं में… सबसे बढ़िया एवं पौष्टिक चारा आता है दुधारू गाय और उपयोगी बैल के हिस्से

Kavi sandesh by dr indu kumari

July 11, 2021

 शीर्षक -कवि संदेश  दिल हाथ में लिए घूमते हो,  ऐ मेरे देश के युवा कवि।  तु रौशनी फैलाने आए हो 

Leave a Comment