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Anita_sharma, poem

होलिका दहन-अनिता शर्मा

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे …


होलिका दहन

होलिका दहन-अनिता शर्मा
जला कर राख कर दो

अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।
चलो मनों में भरे सद्भावना
मिटाये बैर दिलों से अपने।
दहन कर दे सभी दुष्कामना
भरें रंग नये रंगीन सपनों के।
रंगों संग खुशहाली हो
हंसी खुशी सौहार्द में बीते जीवन।
चलो जला कर राख करें
हम अपनी दुश्चिन्ताओ को।
चलो गढ़े नव हिन्दुस्तां को
मिटा दे आज सब चिंताओ को।
चलो कुरीतियों कुप्रथाओं को
दहन होलिका के साथ करे बुराई।।

अनिता शर्मा झाँसी
मौलिक रचना


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