Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, satyawan_saurabh

हिंदी हृदय गान है

हिंदी हृदय गान है Pic Credit -freepik.com आन-बान सब शान है, और हमारा गर्व। हिंदी से ही पर्व है, हिंदी …


हिंदी हृदय गान है

Hindi divas
Pic Credit -freepik.com
आन-बान सब शान है, और हमारा गर्व।

हिंदी से ही पर्व है, हिंदी सौरभ सर्व।।

हिंदी हृदय गान है, मृदु गुणों की खान।
आखर-आखर प्रेम है, शब्द- शब्द है ज्ञान।।

बिंदिया भारत भाल की, हिंदी एक पहचान।
सैर कराती विश्व की, बने किताबी यान।।

प्रीत प्रेम की भूमि है, हिंदी निज अभिमान।
मिला कहाँ किसको कहीं, बिन भाषा सम्मान।।

वन्दन, अभिनन्दन करे, ऐसा हो गुणगान।
ग्रंथन हिंदी का कर लो, तभी मिले सम्मान।।

हिंदी भाषा रस भरी, रखती अलग पहचान।
हिंदी वेद पुराण है, हिंदी हिन्दुस्तान।।

हिंदी का मैं दास हूँ, करूँ मैं इसकी बात।
हिंदी मेरे उर बसे, हिंदी हो जज्बात ।।

निज भाषा का धनी जो, वही सही धनवान।
अपनी भाषा सीख कर, बनता व्यक्ति महान।।

मौसम बदले रंग ज़ब, तब बदले परिवेश।
हो हिंदीमय स्वयं जब, तभी बदलता देश।।

निज भाषा बिन ज्ञान का, होता कब उत्थान।
अपनी भाषा में रचे, सौरभ छंद सुजान।।

एक दिवस में क्यों बंधे, हिन्दी का अभियान।
रचे बसे हर पल रहे, हिन्दी हिन्दुस्तान।।

(सत्यवान ‘सौरभ’ के चर्चित दोहा संग्रह ‘तितली है खामोश’ से। )

About author

Satyawan saurabh
 
– डॉo सत्यवान ‘सौरभ’
कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,

333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
facebook – https://www.facebook.com/saty.verma333

twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh


Related Posts

मुझे भी जीने दो| mujhe bhi jeene do

November 16, 2022

अपने गुनाह को कूड़ेदान के नाम कियादुनिया ने पाल मुझे लावारिस नाम दिया।। खता तो तुमने की थी नवयुवाओं लेकिनसजा

पर्यावरण को बचाने के लिए पंचामृत मंत्र

November 16, 2022

  भारत ने अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूत प्रगति की है और बढ़ती महत्वाकांक्षा और कम कार्बन वाले भविष्य की

भेद सारे चूर कर दो|

November 16, 2022

माँ वीणा वादिनी मधुर स्वर दो,हर जिह्वा वैभवयुक्त कर दो ।मन सारे स्नेहमय हो जाए,ऐसे गुणों का अमृत भर दो

नव साहित्यकारों एसे लिखो/nav sahityakaron aise likho

November 13, 2022

नव साहित्यकारों एसे लिखो बहुत से युवा साहित्यकार बनना चाहतेक्या लिखें ? यही सोच ये उलझ ही जाते।।आओ बैठो खुद

कविता–ठसन छोड़ना पड़ेगा| Thasan chhodna padega

November 13, 2022

कविता–ठसन छोड़ना पड़ेगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो अटके काम बनाना है तो सुकून से जीवन व्यतीत करना है

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा| pehle buddhu banna padega

November 13, 2022

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो अपना ज्ञानवर्धन कर आगे बढ़ना है तो किसी में

PreviousNext

Leave a Comment