Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

स्वतंत्रत विचार- अनिता शर्मा झाँसी

स्वतंत्रत विचार एक टूटता हुआ तारा!!असमान में बिखरे तारेकितने सुन्दर कितने प्यारे। अपलक रोज निहारा करतीसहसा टूटा एक तारा…अनायास ही …


स्वतंत्रत विचार

स्वतंत्रत विचार- अनिता शर्मा झाँसी
एक टूटता हुआ तारा!!
असमान में बिखरे तारे
कितने सुन्दर कितने प्यारे।

अपलक रोज निहारा करती
सहसा टूटा एक तारा…
अनायास ही आंख मूंदकर
आशाओं की डाल झूलकर।
ईश्वर से मनोकामना करती
कितनी अनोखी बात निराली।
एक तारा टूटता ……..
कहीं कोई जन्मता तो कोई मरता।
पर…..एक तारा भर देता नव आशा।
नव-विश्वास जीवन में ।
आँखे बंदकर माँगते एक कामना
जो हो जाती पूर्ण ।
भर देती विश्वास से,
आशा से परिपूर्ण।
एक टूटता हुआ तारा ।।

—अनिता शर्मा झाँसी
—-मौलिक रचना


Related Posts

बंदर और इंसान-जितेंद्र कबीर

November 22, 2021

 बंदर और इंसान एक दिन सारे बंदर अपने आपको इंसान घोषित कर देंगे इंसानों के ऊपर  इतिहास के साथ छेड़खानी

Swapn ujle hai by siddharth gorakhpuri

November 17, 2021

स्वप्न उजले हैं. स्वप्न उजले हैं ये कह रहा है कोई। उकेरना चाहता है हकीकत कोई। हकीकत को हकीकत होने

Manzil by Indu kumari

November 17, 2021

 मंजिल भूल जाना किसी तरह से जो  राह की  रूकावट  है सजा लेना माथे पे सदा ही जो जिन्दगी की

Peeda khone ki teri by Dr. H.K. Mishra

November 17, 2021

 पीड़ा खोने की तेरी तोड़ चली हर रस्मों को तेरा पथ ज्योतिर्मय है, मेरा क्या मैं रहा अकेला, कौन सुनेगा

Priye ke desh by Indu kumari

November 17, 2021

 प्रिय के देश तुम भी  उनके  हो प्रिय, मैं  भी उनकी  प्रियतमा। जिसे ढूँढती  है अन्तर्मन, पूजती  है   सारा   जहाँ

Kaliyo ki shahjadi by vijay Lakshmi Pandey

November 17, 2021

 कलियों की शहजादी…!!! कलियों की शहजादी कोईअरमानों की डोली चढ़हरियाली मखमल कीसेज सजाओढ़ घटाओं कीसतरंगी चादर..!!! रंगीन ख्वाब से सराबोर

Leave a Comment