सुनो दिकु…..
तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है
तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है
ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
सुनो दिकु….. तुम हो तो जीवन की खूबसूरती हैतुम हो तो सांसो में ताजगी है तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरीतुम …
तुम हो तो जीवन की खूबसूरती है
तुम हो तो सांसो में ताजगी है
तुम्हारे बिना हर महफ़िल अधूरी
तुम हो तो अंधेरों में भी रोशनी है
ना कोई तत्व मिटा सका तुम्हारी यादों को
ना कोई समां भुला सका तुम्हारी बातों को
प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये
October 22, 2021
कविताएँ लिखता हूँ सुविधा भी लिखता हूँ और दुबिधाएँ लिखता हूँ। मैं सबके जीवन की अनेकानेक, विधाएं लिखता हूँ। लिखना
October 22, 2021
मंहगाई का इलाज ऐसा नहीं है कि उन्हें सस्ती मिल रही हैं सब्जियां और घर के राशन का सारा सामान,
October 22, 2021
टूटे रिश्ते चलो एक बार मिलते हैं हम दोनों , पूर्व वत अपने गंतव्य पर चलकर , मिलनेऔर आने का
October 22, 2021
आस्था का कारोबार इस देश में चलता है लोगों की भक्ति और आस्था पर बहुत से सिनेमा बनाने वालों का
October 22, 2021
रोया कबीरा समझ न पाए रोया कबीरा दीन दुखियों पर, गाया कबीरा मोहताजों पर , संदेश दिया साखी पढ़ कर
October 22, 2021
सीखा हैं जिंदगी से पैदा होते ही तूने सिखाया हैं रोना ए जिंदगीजब देखा कुछ सिखाया हैं ए जिंदगी कुछ