साँस की सुबास है।- ग़ज़ल
रात और खाब है।।
तख्त ताज आज का।
ऐश ओ विलास है।।
काम ये झकास है।।
जीत का प्रयास है।।
है तलाश लोग को।
चीज जरुर खास है।।
आधुनिक हुए भले।
दर्द ओ खटास है।।
सादगी मरी पड़ी।
चीखता संत्रास है।।
साधना कृष्ण
साँस की सुबास है।- ग़ज़ल साँस की सुबास है। रात और खाब है।। तख्त ताज आज का।ऐश ओ विलास है।। …
September 14, 2021
अपनी महबूबा को मुश्किल में डाल रहा हूँ अपनी महबूबा को मुश्किल में डाल रहा हूँ उसकी मोबाइल आजकल खंगाल
September 14, 2021
प्यार करना तू अपनी औकात देख कर प्यार करना तू अपनी औकात देख कर हैसियत ही नहीं बल्कि जात देख
September 13, 2021
जिंदगी यूँ ही जज्बात से नहीं चलती जिंदगी यूँ ही जज्बात से नहीं चलतीफक़त उम्दे खयालात से नहीं चलती ।रुखसत
May 13, 2021
Gazal-Abhi to patjhad hai basant to ayegi कभी तो हमारी याद आएगीआशमा में बादल है बरसात तो आयेगी फूल मुरझाते