Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Siddharth_Gorakhpuri

श्रीराम-सिद्धार्थ गोरखपुरी

श्रीराम चैत्र शुक्ल नवमी तिथि परश्रीराम धरा पर आए थेअवधपुरी में इस तिथि परखुशियों के बादल छाए थेपुरुषो में पुरुषोत्तम …


श्रीराम

श्रीराम-सिद्धार्थ गोरखपुरी

चैत्र शुक्ल नवमी तिथि पर
श्रीराम धरा पर आए थे
अवधपुरी में इस तिथि पर
खुशियों के बादल छाए थे
पुरुषो में पुरुषोत्तम हैं प्रभु
मर्यादा को मर्यादित करते
त्याग की साक्षात् प्रतिमूर्ति
जन-जन को आह्लादित करते
श्रीराम प्रभु अपने विचार से
हर एक के दिल में समाए थे
चैत्र शुक्ल नवमी तिथि पर
श्रीराम धरा पर आए थे
दुस्टों का जब संहार किया
फिर पृथ्वी का उद्धार किया
ऋषि मुनियों के विकल हृदय को
शांति का उपहार दिया
अनगिनत राक्षसों को प्रभु ने
मृत्यु के दर पे पठाए थे
चैत्र शुक्ल नवमी तिथि पर
श्रीराम धरा पर आए थे
राज – पाट का मोह न था
अंतस में तनिक भी क्रोध न था
वो श्रीराम को समझ पाए ही नहीं
जिन्हे श्रीराम सामर्थ्य का बोध न था
श्रीराम ही हैं जो इस धरती पर
खुशियाँ ही खुशियाँ लाए थे
चैत्र शुक्ल नवमी तिथि पर
श्रीराम धरा पर आए थे

सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

कविता–कृष्ण की व्यथा| krishna ki vyatha

January 9, 2023

कविता–कृष्ण की व्यथा क्या कृष्ण की कोई व्यथा नहीं थी? उनकी पीड़ा की कोई गाथा नहीं थी? छोड़ा गोकुल मैया

कविता – ‘रूह’ | kavita rooh

January 9, 2023

कविता – ‘रूह’ मैं अजर हूँ मैं अमर, जीवन मृत्यु से हूँ परे।रहती हूँ प्राणी के तन में मैं,दिए में

Ayurved par kavita | आयुर्वेद पर कविता

January 8, 2023

आयुर्वेद और मधुकवि हर दिन हर घर आयुर्वेद।। दूर करे तन मन के खेद।। नस नाड़ी को पुष्ट बनाता।। त्रिविध

Kashmir par kavita | कश्मीर पर कविता

January 8, 2023

अपना कश्मीर और मधुकवि अब तो सोए हुए भारती जाग जा|| देखले अपने भारत की क्या है दशा|| आज हिन्सा

व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं

January 8, 2023

 व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं  गंभीर

नए साल में नई शुरुआत!

January 6, 2023

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

PreviousNext

Leave a Comment