Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

शोहरतों का परचम- सुधीर श्रीवास्तव

 शोहरतों का परचम शोहरतों के परचम  लहराने का गर इरादा है तो कुछ ऐसा कीजिए जो अलग हो औरों से …


 शोहरतों का परचम

सुधीर श्रीवास्तव

शोहरतों के परचम 

लहराने का गर इरादा है

तो कुछ ऐसा कीजिए

जो अलग हो औरों से

काम आये जन जन के।

न खुद को कमजोर समझो

बस अटल इरादा कर लो,

जूनून पैदा करो और बढ़ चलो

बिना की प्रतीक्षा के,

देर सबेर कारवां खुद बन जायेगा

तब तक तुम्हारे नाम का

हर ओर डंका बज जायेगा

तुम्हारी शोहरतों का परचम

खुद बखुद लहराएगा। 

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उत्तर प्रदेश
८११५२८५९२१
© मौलिक,स्वरचित
०६.०४.२०२२


Related Posts

जब तक है जिंदगी

June 24, 2022

 जब तक है जिंदगी सुधीर श्रीवास्तव जिंदगी जब तक है गतिमान रहती है, न ठहरती है,न विश्राम करती है। सुख

क्या लेकर आया है जो ले जायेगा

June 24, 2022

 क्या लेकर आया है जो ले जायेगा सुधीर श्रीवास्तव यह कैसी विडम्बना है कि हम सब जानते हैं मगर मानते

अनंत यात्रा

June 24, 2022

 अनंत यात्रा सुधीर श्रीवास्तव शून्य से शिखर तक जीवन की गतिमान यात्रा खुद को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतर होने का दंभ

कदम

June 24, 2022

 कदम सुधीर श्रीवास्तव हमें लगता है कि हमारे कदम किसी और को  प्रभावित नहीं करते , पर सच तो यह

लघुकथा बुजुर्गों का सम्मान

June 24, 2022

 लघुकथाबुजुर्गों का सम्मान सुधीर श्रीवास्तव       बीते समय में बुजुर्गों का सम्मान करना एक परंपरा ही थी, जिस

माँ के नाम पत्र

June 24, 2022

 माँ के नाम पत्र सुधीर श्रीवास्तव प्यारी माँ       शत् शत् नमन, वंदन        आशा है

PreviousNext

Leave a Comment