Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Arvind_kalma, poem

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले सन् 1827 को वो एक शिक्षा का मसीहा आया था।ज्योतिबा था नाम आपका,भार्या सावित्री को …


शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

सन् 1827 को वो एक शिक्षा का मसीहा आया था।
ज्योतिबा था नाम आपका,भार्या सावित्री को जो भाया था।

बदतर हालातों में किये सामाजिक सुधार आपने,
देख आपकी लगन काम की बहुजन अति हर्षाया था।

पीड़ितों के बदले ढंग मुसीबतों ने करना चाहा भंग
शिक्षा से वंचित नारी को आपने शिक्षित बनाया था।

अंधी आस्था संग पनपी रूढ़िवादिता को नकारा,
सत्य पथ पर चलके आपने पाखण्ड को मिटाया था।

पथ भरा था कंटक सारा, सावित्री संग जो नहीं हारा
शोषित वर्ग को कर जाग्रत समान हक दिलाया था।

लिखी गुलामगिरी, सत्यशोधक की करी स्थापना
बनकर महान लेखक बेबाक कलम को चलाया था।

धन्य है वो पावन धरा जहाँ आपका जन्म हुआ
देकर सपने आंखों में सबके गुलशन को महकाया था।

माली की बगिया का फूल था,नारी शिक्षा का मूल था
नारी उत्थान की खातिर शिक्षा का परचम लहराया था।

बारंबार करे नमन अरविन्द आपकी लेखनी को
आप थे गुरु भीम के जिसने जन-जन को जगाया था।

About author 

Arvind kalma

©®✍🏻अरविन्द कालमा
भादरूणा, साँचोर (राजस्थान)


Related Posts

कविता – रातों का सांवलापन

November 12, 2023

रातों का सांवलापन आकाश रात में धरती को जबरन घूरता हैक्योंकि धरती आसमान के नीचे हैऔर मेरा मनऊपर खिले उस

कविता –मंदिर में शिव जी

November 12, 2023

मंदिर में शिव जी मैं भक्ति का स्वांगी नहीं , पर आस्तिक जरूर हूँहालात बयां करूँया शिकायत मुझे बेल पत्तों

Kavita pavitra rishta | पवित्र रिश्ता

November 10, 2023

 शीर्षक: पवित्र रिश्ता सुनो दिकु… दुख अब अकेले नहीं सहा जा रहा तुम आज होती तो लिपटकर रो लेता मेरी

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai

November 10, 2023

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai रणचंड भयंकर और प्रचंड किया झांसी की रानी नेअपना

Kavita :आत्मायें मरा नहीं करती

November 10, 2023

आत्मायें मरा नहीं करती आत्मायें मरा नहीं करतीमैंने बचपन में सुना थाकिसी नायाब मुख से वे जिंदा रहती हैंअपने खेतों-

प्रेम इंतज़ार कर रहा है | kavita prem intezar kar raha hai

November 10, 2023

कविता : प्रेम इंतज़ार कर रहा है सुनो दिकु…दिल के दर्द की पीड़ा अब नहीं सही जा रहीमेरे होंठों पर

PreviousNext

Leave a Comment