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Arvind_kalma, poem

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले सन् 1827 को वो एक शिक्षा का मसीहा आया था।ज्योतिबा था नाम आपका,भार्या सावित्री को …


शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

शिक्षा की नींव ज्योतिबा फूले

सन् 1827 को वो एक शिक्षा का मसीहा आया था।
ज्योतिबा था नाम आपका,भार्या सावित्री को जो भाया था।

बदतर हालातों में किये सामाजिक सुधार आपने,
देख आपकी लगन काम की बहुजन अति हर्षाया था।

पीड़ितों के बदले ढंग मुसीबतों ने करना चाहा भंग
शिक्षा से वंचित नारी को आपने शिक्षित बनाया था।

अंधी आस्था संग पनपी रूढ़िवादिता को नकारा,
सत्य पथ पर चलके आपने पाखण्ड को मिटाया था।

पथ भरा था कंटक सारा, सावित्री संग जो नहीं हारा
शोषित वर्ग को कर जाग्रत समान हक दिलाया था।

लिखी गुलामगिरी, सत्यशोधक की करी स्थापना
बनकर महान लेखक बेबाक कलम को चलाया था।

धन्य है वो पावन धरा जहाँ आपका जन्म हुआ
देकर सपने आंखों में सबके गुलशन को महकाया था।

माली की बगिया का फूल था,नारी शिक्षा का मूल था
नारी उत्थान की खातिर शिक्षा का परचम लहराया था।

बारंबार करे नमन अरविन्द आपकी लेखनी को
आप थे गुरु भीम के जिसने जन-जन को जगाया था।

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Arvind kalma

©®✍🏻अरविन्द कालमा
भादरूणा, साँचोर (राजस्थान)


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