Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

शादियाँ

 शादियाँ सुधीर श्रीवास्तव शादियां वास्तव में एक अनुबंध है दो परिवारों, दो दिलों का, जिसमें निभाई जाती हैं परंपराएं, धारणाएं, …


 शादियाँ

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

शादियां वास्तव में एक अनुबंध है

दो परिवारों, दो दिलों का,

जिसमें निभाई जाती हैं

परंपराएं, धारणाएं, मान्यताएं।

निभाएं जाते हैं आत्मीय संबंध

बिना किसी शर्त या स्वार्थ के

रिश्तों के नाम पर समर्पित

एक दूसरे के विश्वास पर।

अन्जाने स्त्री पुरुष जीते हैं

अपने अंतिम प्रस्थान तक,

सुखदुख सहते मिल बाँटकर

संतति देकर प्रकृति की व्यवस्था को

आगे बढ़ाते हंँस हँसकर।

समय की मार शादियां भी झेल रही हैं,

रिश्तों की अहमियत में

गर्म लहू प्रवेश कर रही है,

अब तो शादियां भी 

अपनी गरिमा खो रही हैं,

समय की मार से शादियां भी

कहाँ बच पा रही हैं,

आधुनिकता के रंग में

शादियां भी रंगती जा रही हैं।

दो दिलों के मिलन में

अब तो दूरियां बढ़ रही हैं,

शादियां भी शायद 

औपचारिकताओं के चक्रव्यूह में

अब फीकी फीकी हो रही हैं। 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

8115285921

© मौलिक, स्वरचित

०६.०५.२०२२


Related Posts

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है?-जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है? हर बार सामने आती हैंजांच एजेंसियों कीदेरी और लापरवाही की खबरेंबलात्कार,हत्या जैसे संगीन मामलों

विश्व हिंदी दिवस- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

 विश्व हिंदी दिवस  हिंदी की लोकप्रियता को लेकर समूचे विश्व में 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।

परछाईं- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

परछाईं वक्त कितना भी बदल जायेहम कितने भी आधुनिक हो जायें, कितने भी गरीब या अमीर होंराजा या रंक हों

आज की द्रौपदी- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

आज की द्रौपदी एक तो द्रौपदी थी तबअनेक है आज भीक्यों बचा न पाए आज के कृष्णजब बिलखती हैं वहआज

हिन्दी बेचारी- डॉ. इन्दु कुमारी

January 13, 2022

हिन्दी बेचारी राष्ट्र है मेरे अपने घरभारती हूँ मैं कहलाती जनमानस की हूँ सदासरल अभिव्यक्ति मैं राजदुलारी जन सभा कीअवहेलना

आने वाला पल- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

आने वाला पल आने वाला पल तो आकर ही रहेगा, जैसे जाने वाला पल भीभला कब ठहरा है ? क्योंकि

Leave a Comment