व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं
व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं गंभीर …
Related Posts
Desh ko naman by Indu kumari
August 22, 2021
देश को नमन हमने अपने सिर पर बांध लिये कफन ऐसे देश को नमन–2 जिनके सिर हिमालय चरणों को धोता
Jaruri hai aisa karna by Jitendra Kabeer
August 22, 2021
जरूरी है ऐसा करना आजकल के प्रतिस्पर्धी समय में जितना जरूरी है अपने बच्चों,अनुजों व करीबियों को सफलता के लिए
Sabka andaz badal gaya by Jitendra Kabeer
August 22, 2021
सबका अंदाज बदल गया है पहले दिख जाते थे बच्चे आस-पड़ोस, गली-मोहल्ले में दिन-दिन भर खेलते कूदते शोर मचाते, मोबाइल
Soch kar dekho by Jitendra Kabeer
August 22, 2021
सोच कर देखो दो महत्वपूर्ण काम राजनीति और अध्यात्म, जो दशा और दिशा तय करते हैं किसी भी राष्ट्र और
Jivan raksha mantra by sudhir Srivastava
August 22, 2021
जीवन रक्षा मंत्र मानव जीवन में सड़कें जीवन का अनिवार्य हिस्सा है इसके बिना तो जैसे अधूरा जीवन का किस्सा
Meera diwani kanha ki by Indu kumari
August 22, 2021
मीरा दीवानी कान्हा की मीरा दीवानी कान्हा की प्रेम से छलकत जाय जागत रहे दिन -रात फिर भीदरस ना पाय

