वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल
वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal
वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी …
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हे !नारायण पार लगा दो …!! रे ! रँगरेज मोरी चुनर रंग दे , धानीं चटख गुलाबी में ।
