Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी

रात है तो सुबह भी तो आयेगी मन रे तू मत हो निराशकल एक नयी सुबह आयेगी।बीतेगी दुखो की घड़ियाँछायेगा …


रात है तो सुबह भी तो आयेगी

रात है तो सुबह भी तो आयेगी- अनिता शर्मा झाँसी
मन रे तू मत हो निराश
कल एक नयी सुबह आयेगी।
बीतेगी दुखो की घड़ियाँ
छायेगा खुशियों का गुबार ।
मन रे तू मत हो निराश
हर रात के बाद सुबह तो आयेगी।
भर देगी नव उत्साह अंदर
मिट जायेगी निराशा मन से ।
क्या सोचे?क्यों डरे ?
इक नयी सुबह फिर आयेगी।
तू जतन कर !तू आत्म विश्वास जगा।
भर दे कण कण में आत्म विश्वास
जाग्रत कर मन का हर कोना ।
तू जोश जगा,तू प्रेम भर रिश्तों में
फिर मुस्कान जगा होठों मे
तू सोच बदल एक सुबह फिर आयेगी।।

—–अनिता शर्मा झाँसी
—– मौलिक रचना


Related Posts

देश का दुर्भाग्य- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

 देश का दुर्भाग्य कृषि के लिए नीतियां बनाने मेंकृषक का प्रतिनिधित्व नहीं, शिक्षा के लिए नीतियां बनाने मेंशिक्षक का प्रतिनिधित्व

क्या हमनें पा लिया है?- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 3, 2021

क्या हमनें पा लिया है? वक्त गुजरने के साथसरल शिक्षाओं कोरूढ़ करके सदियों के लिएजटिल हमनें बना लिया है, महापुरुषों

सच्चाई सामने जरूर आएगी-जितेन्द्र ‘कबीर’

November 30, 2021

सच्चाई सामने जरूर आएगी नुकसान होगा,सोचकर जो तुमनेकदम खींच लिए अपनेसच्चाई की राह सेतो आस्था तुम्हारी सच्चाई परकभी सच्ची न

संविधान दिवस विशेष- सुधीर श्रीवास्तव

November 30, 2021

 व्यंग्य संविधान दिवस आइए ! मौका भी है दस्तूर भी हैहमारे मन भरा फितूर जो है,आज भी हमसंविधान संविधान खेलते

संविधान, भारत का परिचय-डॉ. माध्वी बोरसे

November 27, 2021

 संविधान, भारत का परिचय! भारत ने 1949 मैं संविधान को अपनाया, संविधान दिवस राष्ट्रीय कानून के रूप में मनाया, डॉ.

मौत से इतना डर क्यों?- जितेन्द्र ‘कबीर’

November 27, 2021

 मौत से इतना डर क्यों? अब तक ज्यादातर मौत को  बताया जाता रहा है भयानक और जीवन को सुंदर, लेकिन

Leave a Comment