Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Siddharth_Gorakhpuri

राजनीति भी अजीब है- सिद्धार्थ गोरखपुरी

 राजनीति भी अजीब  है कोई कह गया तो टिका रहा कोई कह के भी मुकर गया ये राजनीति भी बड़ी …


 राजनीति भी अजीब  है

राजनीति भी अजीब  है- सिद्धार्थ गोरखपुरी
कोई कह गया तो टिका रहा
कोई कह के भी मुकर गया
ये राजनीति भी बड़ी अजीब है
कोई इधर गया कोई उधर गया
सत्ता सुख  पाकर मस्त रहे
मलाई काटने में व्यस्त रहे
ज़ब साल  पांचवे में पहुँचे 
तब सरकार  से त्रस्त हुए
फिर त्यागपत्र के कारण में 
जनता का उन्होंने जिकर किया
ये राजनीति भी बड़ी अजीब है
कोई इधर गया कोई उधर गया
जनता ने सिम्बल देखा  था
खुद को विहवल देखा  था
अपनी पार्टी के प्रत्याशी में
जनता ने निज बल देखा  था
दिन जनता के बीत  गए
ज़ब उनके प्रत्याशी जीत गए
जनता सकते  में आ गयी है 
के पल्ला बढ़कर किधर  गया
ये राजनीति भी बड़ी अजीब है
कोई इधर गया कोई उधर गया
पार्टी के नाम पर प्रत्याशी को
जनता ने था वोट किया
जीत गया था वह प्रत्याशी
जो पाला बदलकर चोट  दिया
गलती क्या थी  जनता की
अब जनता ही एहसास करे
जब जीतकर पाला बदल लेगा
तो कैसे  जनता विश्वास करे
क्या पांच  सालों में कभी 
उसने जनता का फिकर किया
ये राजनीति भी बड़ी अजीब है
कोई इधर गया कोई उधर गया
अब बारी है जनता की
कि दलबदलुओं पर चोट  करे
जाति -पांति से ऊपर  उठकर
विकासवाद पर वोट करे
फिर जनता देखेगी 
कि दलबदलू भी सुधर गया
ये राजनीति भी बड़ी अजीब है
कोई इधर गया कोई उधर गया

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

March 5, 2023

भावनानी के भाव  स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को

हे राम!! | Hey ram

March 5, 2023

हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था

द्वारिका में बस जाओ

March 5, 2023

 द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे,

सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra

March 5, 2023

 सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर

मेरी दादी माँ| meri dadi maa

March 5, 2023

 मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

PreviousNext

Leave a Comment