Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Siddharth_Gorakhpuri

मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी

मेरे यार फेसबुकिए मेरे यार फेसबुकिए बता दो इस समय तुम हो कहाँमैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँयहाँ -वहाँ न जाने …


मेरे यार फेसबुकिए

मेरे यार फेसबुकिए-सिद्धार्थ गोरखपुरी
मेरे यार फेसबुकिए बता दो

इस समय तुम हो कहाँ
मैंने तुम्हें ढूंढ रहा हूँ
यहाँ -वहाँ न जाने कहाँ
तुम्हारा अप्रतिम सा फोटो
जब भी फेसबुक पर आता था
तुम्हें हँसता , घूमता देखकर
मेरा रोम -रोम खिल जाता था
तुम लाइन ऐसी लिखते थे
कि जीत लोगे सारा जहाँ
मेरे यार फेसबुकिए बता दो
इस समय तुम हो कहाँ
इस समय एक बार भी तुम
ऑनलाइन नहीं आते हो कभी
कुछ अता -पता नहीं है तुम्हारा
मुझे हाल बता दो सही – सही
तुम आनंद ले रहे होगे कहीं
मैं परेशान हूँ बस खामखा
मेरे यार फेसबुकिए बता दो
इस समय तुम हो कहाँ
तुम हुनरबाजी के ज्ञाता
और सुविख्यात टैगिए थे
पचासों को तुम टैग करोगे
ये काम तुमने तय किए थे
तुम्हरे सिवा भला कौन जलाए
बुझता हुआ फेसबुकिया समां
मेरे यार फेसबुकिए बता दो
इस समय तुम हो कहाँ
फोटो एडिट करते थे ऐसे
जैसे एडिटिंग में पीएचडी
फोटो पर तुम पका देते थे
शब्दों की बेजोड़ खिचड़ी
कई दिनों से ना दिखा है
फोटो का तुम्हारे नामों -निशां
मेरे यार फेसबुकिए बता दो
इस समय तुम हो कहाँ
हर दोस्त के जन्मदिन पे
वीडियो बना के भेजते थे
और लोग भी विश करें उसे
सबको तुम सहेजते थे
तुम जब गायब हो तो
अब कौन सहेजेगा यहाँ
मेरे यार फेसबुकिए बता दो
इस समय तुम हो कहाँ
यार फेसबुकिए! अब ऐसे
काम ना चल पाएगा
अगर ऐसे गायब रहे तो
तुम्हारा नाम न चल पाएगा
अब तो तुम लाइव आ जाओ
और सुना दो अपनी दास्तां
मेरे यार फेसबुकिए बता दो
इस समय तुम हो कहाँ

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं

October 9, 2022

व्यंग्य-कविता कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं जो ज्ञान के खोते होते हैं ऑफिस में सोते

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए

October 5, 2022

कविता स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए हर वर्ष की तरह इस वर्ष एक अक्टूबर 2022को स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कारों

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

October 3, 2022

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है

गुंजा के दाने

October 1, 2022

गुंजा के दाने रमणीय , मनमोहक , चमकदारगुंजा के दाने मन को हर जाते हैसुर्ख चटकीले लाल रंग लिये येकाले

गांधीजी के सिद्धांत व विचार

October 1, 2022

2 अक्टूबर 2022 महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष में उनके सिद्धांतों और विचारों पर मौलिक रचना कविता –गांधीजी के सिद्धांत

Phir Wahi Qissa Sunana To Chahiye

October 1, 2022

 Phir Wahi Qissa Sunana To Chahiye फिर वही क़िस्सा सुनाना तो चाहिए फिर वही सपना सजाना तो चाहिए यूँ मशक़्क़त

PreviousNext

Leave a Comment