Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप| maa laxmi ke ast swaroop

कविता मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप धर्म ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी के अष्ट स्वरूपों का वर्णन है …


कविता

मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप

मां लक्ष्मी के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप| maa laxmi ke ast swaroop

धर्म ग्रंथों और पुराणों में मां लक्ष्मी के
अष्ट स्वरूपों का वर्णन है मान्यता है
मां लक्ष्मी की कृपा बिना जीवन में
समृद्धि संपन्नता पाना असंभव है

मां के अष्ट लक्ष्मी स्वरूप अपने नाम स्वरूप
के अनुसार भक्तों के दुख दूर करती हैं
सुख समृद्धि देकर वैभव बढ़ाती है
धन की वर्षा से जीवन सफल बनाती है

आदिलक्ष्मी धन लक्ष्मी धान्य लक्ष्मी स्वरूपों सहित
गज लक्ष्मी संतान लक्ष्मी वीर लक्ष्मी
जय लक्ष्मी विद्या लक्ष्मी अष्ट स्वरूप है
हर स्वरूप से कृपा रहमत बरसाती है

लक्ष्मी मां का सशक्त अस्त्रों में मुद्रा अस्त्र है
अलक्ष्मी चंद्रदेव शुक्राचार्य भाई बहन हैं
मां का दिवस शुक्रवार जीवनसाथी विष्णु है
सवारी गरुड़ उल्लू शेषनाग कमल है

ओम श्री श्रेये नमः मूल मंत्र हैं
वैंकुठ मणिद्वीप क्षीरसागर निवास स्थान है
महालक्ष्मी रुकमणी अष्टलक्ष्मी माधुरी सहित
वैष्णवी जगत जननी नारायणी अनेक नाम है

हिंदू धर्म मां लक्ष्मी को धन वैभव संपत्ति
यश कीर्ति की देवी रूपी मान्यता है
मां लक्ष्मी भक्तों की परीक्षा लेती है
सफल होने पर मनोकामना पूर्ण करती है

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

होली के रंग | Holi ke rang

March 24, 2024

होली के रंग लाल गुलाबी नीले पीले,कई रंगों से रंगी हुई होली आई होली आई, धरती लग रही सजी धजीरंग

कविता –अभिलाषा| kavita -Abhilasha

March 24, 2024

अभिलाषा अपने ही नभ में उड़ना मुझको,अपना संसार बनाना है। कोमल मन की अभिलाषा है,अंबर से ऊपर जाना है।कुरीतियों की

Kavita : सपने | sapne

March 24, 2024

सपने सपने देखो, और फिर अपने सपने साकार करो। इन सपनों को पाने के लिए, मेहनत तुम लगातार करो।नहीं थकना

Kavita : सबला नारी | sabla naari

March 24, 2024

सबला नारी किसने कहा अबला है नारी, नारी तो सब पर भारी है।मां,बहन, बेटी या सखी, सब के रूपों में

Jeevan ki pagdandi par by anishk

March 9, 2024

जीवन की पगडंडी पर जीवन की पगडंडी पर जीवन की पगडंडी परचलते-चलते जब शाम हुई,पैरों में तिनके लिपटे सेनींदें रातों

Stree | स्त्री पर कविता

March 8, 2024

स्त्री माँ , बहन,मित्र, प्रेमिका,सबमें मैंने देखी थोड़ी-थोड़ी स्त्री,किंतु विवाह के बाद पत्नी से मिल,मूड स्विंग जैसे नये टर्म सीखे,मैंने

Leave a Comment