Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Maa, sudhir_srivastava

माँ के नाम पत्र

 माँ के नाम पत्र सुधीर श्रीवास्तव प्यारी माँ       शत् शत् नमन, वंदन        आशा है …


 माँ के नाम पत्र

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

प्यारी माँ

      शत् शत् नमन, वंदन

       आशा है कि आप अनंत सत्ता के साये में निश्चिंत होगी। परंतु मैं निश्चिंत नहीं हो पा रहा हूं। पिता जी के जाने के बाद आपके स्नेह और ममत्व के साये में भी मैंने तमाम गुस्ताखियां की होंगी। जिसे आपने नजर अंदाज किया और अपना विश्वास बनाए रखा।  अंतिम यात्रा पर जाने से पूर्व आपने मुझे दीदी और छोटे की जो जिम्मेदारी सौंपी थी, उसे मैंने यथा संभव सामर्थ्य अनुसार निभाने का प्रयास किया है। जिससे आपको सूकून का अहसास होता होगा।

            आपके जाने के बाद दीदी ने तुम्हारी जगह ले ली, कभी हम दोनों को आपके न होने का अहसास तक न होने दिया। आज भी अपने घर परिवार में व्यस्तता के बाद भी वह हम दोनों का बहुत ध्यान रखती हैं। लेकिन मैं जानता हूं कि वो छुप छुपकर रोती भी हैं। परंतु हमें आभास तक नहीं होने देती।

              जब दीदी विदा होकर ससुराल जा रही थी तब उसने मुझसे कहा था- बड़े! अब तू सिर्फ हमारा भाई ही नहीं माँ और पिता भी है, इसका ख्याल रखना। हमें सँभालने के चक्कर में वो खुलकर रो भी नहीं पा रही थीं।

          आप और पापा के आशीर्वाद से सब कुछ है। बस नहीं है तो माँ का प्यार और पापा का संरक्षण। वास्तविकता में भले ही आप दोनों हमसे बहुत दूर हों, पर आपके होने का अहसास हमें सदा ही रहता है। आप दोनों के लिए एक अलग कमरा सबसे आगे की ओर बनाया है और आप दोनों को विराजमान कर हमनें आप दोनों को जीवंत कर रखा है। खाली समय आप दोनों के पास ही गुजारता हूं। मन को बड़ा सूकून मिलता है। छोटा आज भी आपको याद कर बच्चों की तरह रोता है। 

हम तीनों के बच्चे भी आप दोनों से जैसे घुले मिले हैं। आपकी नतिनी शादी योग्य हो गई है। छोटे ने उसका रिश्ता लगभग पक्का कर दिया है। बहुत जिम्मेदार हो गया है। दीदी भी बहुत खुश हैं।

             बस आप दोनों से दूरियां जरुर कचोटती हैं। पर मन को समझाना पड़ता है। परंतु खुशी भी है कि आप दोनों की खुश्बू हमें संरक्षण देती है।

            बस माँ! अब कुछ नहीं लिखा जायेगा। अपना और पापा का ध्यान रखिएगा, हम सब की ज्यादा चिंता मत कीजिएगा। हम पर अपना आवरण रुपी ममत्व और आशीर्वाद बनाए रखियेगा। हमें भटकने से बचाने के अलावा हमारी गल्तियों को माफ करती रहिएगा ।

पुनः चरण स्पर्श के साथ

आपका बेटा

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

८११५२८५९२१

© मौलिक, स्वरचित

०२.०५.२०२२


Related Posts

पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!!

April 25, 2022

 पड़ोसी देश के पीएम द्वारा भारत की भरपूर प्रशंसा!!!  पड़ोसी मुल्क से रिश्ते ख़राब होने के बावजूद सियासी संकट के

निर्णय क्षमता को विकसित करना सफ़ल जीवन की कुंजी

April 25, 2022

 निर्णय क्षमता को विकसित करना सफ़ल जीवन की कुंजी  जीवन में समय के साथ अपडेट रहने से निर्णय क्षमता विकसित

आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) संशोधन बिल 2022

April 25, 2022

 आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) संशोधन बिल 2022 संसद के दोनों सदनों में पास अब कानून बनेगा  थर्ड डिग्री समाप्त कर

बढ़ती उम्र का तकाज़ा

April 25, 2022

 बढ़ती उम्र का तकाज़ा बढ़ती उम्र के साथ सतर्कता का ध्यान रखना ज़रूरी – बुढ़ापा जवानी नहीं लाता, जवानी बचपन

झूलेलाल जयंती चेट्रीचंड्र महोत्सव 2 अप्रैल 2022 पर विशेष

April 25, 2022

 झूलेलाल जयंती चेट्रीचंड्र महोत्सव 2 अप्रैल 2022 पर विशेष  सदियों से मनाया जाने वाला चेट्रीचंड्र पर्व सद्भावना,भाईचारे एकता, अन्याय पर

टिकाऊ जीवन शैली अपनाएं

April 25, 2022

 टिकाऊ जीवन शैली अपनाएं  निष्क्रिय जीवन शैली और अस्वास्थ्यकर आहार की आदतों से उत्पन्न ख़तरों के बारे में जागरूकता पैदा

Leave a Comment