Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

मजदूरों का मान

 मजदूरों का मान सुधीर श्रीवास्तव माना कि हम मजदूर हैं पर मेहनत से जी नहीं चुराते, अपने काम में समर्पित …


 मजदूरों का मान

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

माना कि हम मजदूर हैं

पर मेहनत से जी नहीं चुराते,

अपने काम में समर्पित रहते

अपने साथियों संग पसीना बहाते हैं,

सहयोग संग सद्भाव भी रखते हैं।

पसीना बहाकर भी खुश रहते हैं

जाति धर्म की भाषा नहीं बोलते

सर्वधर्म समभाव का पालन करते

अपना और अपने परिवार का 

ईमानदारी से पेट पालते,

लालच नहीं करते, खुश रहते 

ईश्वर की कृपा से जो कमाते हैं

उसी में खूब मस्त रहते हैं।

हमारा पसीना हमारा गहना है

इसकी खूश्बू हमारा आइना है,

इस आइने से हम दूर नहीं रही रह सकते

मजदूर हैं तो क्या हुआ?

बिना पसीना बहाये हम रह नहीं सकते।

लोग कुछ भी कहें हम दिल से नहीं लगाते

मेहनत से कभी जी नहीं चुराते

मजदूर हैं तो मजदूरों का मान नहीं घटाते। 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

८११५२८५९२१

© मौलिक, स्वरचित

०५.०५.२०२२


Related Posts

Kab tak madhusudan duadenge by vijay Lakshmi Pandey

September 4, 2021

 कब तक मधुसूदन दौड़ेंगे….!!! कब तक   मधुसूदन दौड़ेंगे । द्रुपद सुता की लाज बचानें।। दरबार सजा  जब  कौरव का ।

Moolbhoot samasyaye vhi hai by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 मूलभूत समस्याएं वही हैं एक वक्त का खाना  जैसे तैसे जुटाकर  दूसरे वक्त की चिंता जिस इंसान के दिमाग में

Rishto ka mahatva by Sudhir Srivastava

September 4, 2021

 रिश्ता की दूरियां-नजदीकियां रिश्तों का महत्व  लंबी दूरियों से नहीं मन की दूरियों से होता है, अन्यथा माँ बाप और 

Teer nadi ka By H.K Mishra

September 4, 2021

 तीर नदी का तीर नदी का दूर किनारा , कहां नहीं तुझको ढूंढा है, रात अंधेरी नदी उफनती, मिलन अंत

Jhoothon ka hai jamana by Jitendra Kabir

August 29, 2021

 झूठों का है जमाना एक बार झूठ बोल कर उसे छुपाने के लिए झूठ पर झूठ बोलते जाना, पकड़े भी

Hijab by Ajay Kumar jha.

August 26, 2021

 हिजाब. खाली जेबों की कसी मुट्ठियाँ हवा में लहराने को उतर आई है अरण्य में खिलते अग्निपुष्प से रंगे  सियार

Leave a Comment