Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem, vyang

भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं बेटा बेटी पत्नी को बीमारी ने घेर लिया …


भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव

भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

बेटा बेटी पत्नी को बीमारी ने घेर लिया है
मुझे सामाजिक बेज्जती ने लपेट लिया है
अब भ्रष्टाचार से तौबा किया है
भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

बाबू पद से बहुत भ्रष्टाचार लिया हूं
जनता को बहुत चकरे खिलाया हूं
भयंकर बीमारियों से भुगत रहा हूं
भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

हरे गुलाबी बेईमानी करके बहुत लिया हूं
ऊपर तक हिस्सेदारी बहुत पहुंचाया हूं
शासन पद से बहुत हेराफेरी किया हूं
भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

भ्रष्टाचार में मेरा नाम रोशन किया हूं
ऊपर-मिडल वालों को हिस्सा पहुंचाया हूं
असली गुनाहगार खुद को पाया हूं
भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

ऊपर-मिडिल वालों की फाइल पकड़वाया हूं
सस्पेंड की बहुत धमकियां पाया हूं
सब को पकड़वाने का ज़ज्बा लाया हूं
भ्रष्टाचार के कुदरती भयंकर नतीजे महसूस किया हूं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

पर्यावरण संरक्षण

September 1, 2022

पर्यावरण संरक्षण अद्भुत सी सुंदरता है पर्यावरण में,चलो हम भी लाए, कुछ जिम्मेदारियां हमारे आचरण में,क्यों फैला रखा है हमने

मन की प्रसन्नता

September 1, 2022

मन की प्रसन्नता प्रसन्नता हमारा ऐसा अनमोल ख़जाना है, जितना लुटाएंगे उतना बढ़ता चला जाएगा मन की प्रसन्नता अनेक मानसिक,

अंतिम संदेश।(Last message)

August 31, 2022

अंतिम संदेश। जिंदगी का क्या भरोसा,कब हमारा आखरी पल हो,कभी खुद को तो कभी लोगों को कोसा,पर कौन जाने कि

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष

August 31, 2022

राष्ट्रीय पोषण सप्ताह 1 से 7 सितंबर 2022 पर विशेष स्वास्थ्य ही धन है कुपोषण को हराने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह

पहाड़ी अंजीर – बेडू पाको बारमासा

August 30, 2022

पहाड़ी अंजीर – बेडू पाको बारमासा भारत को प्रकृति का वरदान प्राप्त औषधि वनस्पतियों आयुर्वेद संजीवनी की गाथा औषधि वनस्पतियों

चापलूसी

August 30, 2022

चापलूसी आत्मप्रशंसा मानवीय अस्तित्व की पसंद होती है – कुछल चाटुकार इसी कमजोरी की सीढ़ी पर चढ़कर वांछित सिद्धि प्राप्त

Leave a Comment