Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem, vyang

भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे| bhrastachar ki pol kholte rahenge

 यह  व्यंग्यात्मक कविता वर्तमान में असफ़ल हुए उम्मीदवारों और पार्टी के भाव कविता के माध्यम से प्रस्तुत है। व्यंग्य कविता–भ्रष्टाचार …


 यह  व्यंग्यात्मक कविता वर्तमान में असफ़ल हुए उम्मीदवारों और पार्टी के भाव कविता के माध्यम से प्रस्तुत है।

व्यंग्य कविता–भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे

चुनाव हारे तो क्या हुआ जनता सेवा करते रहेंगे
विपक्ष में रहकर कठोर सजग प्रहरी बनके रहेंगे
विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे
भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे

पहले भी पकड़वाए थे पकड़वाते रहेंगे
हरे गुलाबी के पहाड़ खोज़ते रहेंगे
शासन-प्रशासन मिलीभगत उद्गार करते रहेंगे
भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे

जनता में जाके बोलते थे बोलते रहेंगे
गरीबों का काम करते थे करते रहेंगे
शासन-प्रशासन मिलीभगत चक्र तोड़ते रहेंगे
भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे

जबतक है दम जनता से हमेशा जुड़ते रहेंगे
अभी लड़े हैं 2023 में 9 राज्यों में लड़ते रहेंगे
समय आया तो रिकॉर्ड ज़ड़ते रहेंगे
भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे

लेनदेन की फोन आएगी तो टेप करते रहेंगे
थोथा चना बाजे घना बोलते रहेंगे
नाच ना आवे आंगन टेढ़ा कहते रहेंगे
भ्रष्टाचार की पोल खोलते रहेंगे

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

 


Related Posts

वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल /varno se shabdon ka bramjal

October 31, 2022

 वर्णों से शब्दों का भ्रमजाल  वर्णों के भ्रमजाल से बने शब्द देख कलम संग दुनिया भटक ही जाती है तिलस्मी

शाकाहारी मनुष्यः दीर्घायुः भवति

October 31, 2022

आओ क्रूरता मुक्त जीवन शैली बनाने शाकाहारी बनें आधुनिक समाज में शाकाहारी आहार स्वस्थ जीवन शैली बनाने सबसे आश्चर्यजनक और

चिड़िया मुक्त हुई – ट्विटर को खरीदने की डील पूरी हुई /Twitter deal-completed

October 30, 2022

 चिड़िया मुक्त हुई – ट्विटर को खरीदने की डील पूरी हुई  आओ निरंतर नवाचार और सीख़ने की आदत डालें  सभ्यता

कविता शब्द/kavita – shabd

October 30, 2022

कविता शब्द/kavita shabd  जब शब्द ही निशब्द हो जातें हैं दिल के भाव दिल ही में रह जातेंबातें दिलों की

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष/iron man sardar vallabhbhai patel 147 birth anniversary special

October 30, 2022

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147 वीं जयंती एकता दिवस पर विशेष/iron man sardar vallabhbhai patel 147 birth anniversary

खुद को खुद पढ़ जाती| khud ko khud padh pati

October 29, 2022

खुद को खुद पढ़ जाती अपनी ही जिंदगी के किस्से मैं सुनाऊं किसकोकोई अपना नहीं मेरा , अपना कह सकूं

Leave a Comment