Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग …


भारतीय नारी अबला या सबला

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

भारतीय संस्कृति की प्रतीक तू
धन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।
कब अबला थी ,त्याग की मूरत
दृढ़-निश्चयी ,सबला है तू नारी ।
धैर्य और संयम की सुन्दर मूरत
शिक्षित सुयोग्य धुरी घर की तू।
हर परिस्थिति में तटस्थ स्वयं तू
घर को खुशियों से भरती हो नारी।
बच्चों की हिम्मत तुम्हारे हौसले
दया सेवा की,ममता की मूरत हो।
घर-बाहर और शिक्षा दीक्षा प्रवीण
नारी तुम केवल सबला हो भारत की।
कर्म निष्ठ योगी सा जीवन जीती हो
सबके सुख की खातिर जीवन जीती हो।
भारतीय नारी सी विश्व में न निपुण नारी
त्याग तपस्या और बलिदान तुम्हारी शान।
सब्र विवेक से जीता दिल सबका
तुम घर घर की रौनक हो नारी ।
सीता सम सतीत्व तुम्हारा ही है
कौशल्या सा ममत्व धैर्य पाया है।
अनुसुइया ,उर्मिला सी भारतीय नारी
आज हर क्षेत्र में उच्चतम शिखर पर हैं।
हाँ वेशभूषा बदली कर्म क्षेत्र बदला है
दिल-हृदय में वही सहृदयता समाहित है
आज भारत की पहचान सबला है
सीमाओ की रक्षा में तैनात नारी है।
पायलट है नारी हवाओं में उड़ती है
राजकाज हो,अभिनय में नारी है।
शिक्षाविद् आफिसर्स भी सफर नारी
पर आखों में भरा शर्म इज्जत का पानी।
है भारतीयता का प्रतीक तू गर्विता नारी
मन से कोमल सहज-सरल भारत की नारी।

अनिता शर्मा झाँसी


Related Posts

साहित्य राष्ट्र की महानता

July 6, 2023

भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार

भारतीय नारी सब पर भारी- Kavita

July 6, 2023

भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या

नारी पर कविता | Naari par kavita

July 2, 2023

भावनानी के भाव  नारी पर कविता  नारी ऐसी होती है जो सभी रिश्तो को एक धागे में पिरोती हैमां बहन

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

July 2, 2023

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले

मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं

July 2, 2023

भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं   मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम

भारतीय संस्कार पर कविता

July 2, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत

PreviousNext

Leave a Comment