Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार …


बसंत

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।
चले आओ सजना घर के अंगना ।
रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार लाई।
दिलों में उफान लाई,रंगीली छाई सब ओर।
मन चंचल बेचैन हुआ,भाव पर जोर नहीं है।
चारों ओर महकते पुष्प,ख्वाबों को बुन रहे ।
ऋतुराज बसंत आया, हर दिल में प्रेम लाया।
रंगों संग उमंग लाया,आओ सजना घर के अंगना।
फूलों की बहार छाई,हवाओं में सुगंध भरी।
भौरो का गुंजन गूँजा,तितली की उत्कंठाहै।
मनो में प्यार की खुशबू,रौशन हरेक आँगन।
मादकता मदहोश करती,साजन की बाँहो में।
प्रियतम की प्यारी बतिया,चाहे हरेक सखियां।
बसंत की बहार आई,रंगों की फुहार लाई।
चलो संवारे हर दिन खुशी से भर करके।

अनिता शर्मा झाँसी


Related Posts

वक्त संग कारवां

October 11, 2022

वक्त संग कारवां वक्त संग दर्द-ए कारवां मेरा गुज़रता जा रहा थादिल तेरे लौटने कि उम्मीद आज भी लगा रहा

आल्हा/वीर छंद प्रेरणा गीत

October 11, 2022

आल्हा/वीर छंदप्रेरणा गीत बाधाओं से डर कर हे मन, तन को ढो मत जैसे भार।।कंटक राहों से बढ़कर ही,खुलते सदा

व्यंग काव्य

October 10, 2022

व्यंग काव्य सजाया बहुत मुझे रणबीरंगे वस्त्रों सेभरा हैं मुझे कईं घातक पटाखों सेइकठ्ठा हुआ हैं शहर सारा मुझे जलानेऊंचा

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं

October 9, 2022

व्यंग्य-कविता कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं जो ज्ञान के खोते होते हैं ऑफिस में सोते

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए

October 5, 2022

कविता स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए हर वर्ष की तरह इस वर्ष एक अक्टूबर 2022को स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कारों

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

October 3, 2022

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है

PreviousNext

Leave a Comment